Mahakaushal Times

100 दिन तक नहीं होगी भारत-चीन यात्रा! बालेन शाह ने मोदी मुलाकात से पहले रखे बड़े एजेंडे, नेपाल की नई रणनीति से बढ़ी हलचल



नई दिल्ली। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सत्ता संभालने के बाद साफ संकेत दिए हैं कि उनकी सरकार शुरुआती 100 दिनों तक विदेश यात्राओं के बजाय घरेलू एजेंडे पर फोकस करेगी। इसी वजह से फिलहाल न तो भारत दौरे की कोई तारीख तय हुई है और न ही चीन यात्रा की तैयारी दिखाई दे रही है। नेपाल सरकार के इस रुख को दक्षिण एशिया की राजनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत पिछले कुछ हफ्तों से नेपाली प्रधानमंत्री की दिल्ली यात्रा को लेकर उत्सुक है, लेकिन काठमांडू ने साफ कर दिया है कि जून से पहले ऐसी संभावना बेहद कम है। बालेन शाह 27 मार्च को प्रधानमंत्री बने थे और उसी दिन Narendra Modi ने उन्हें भारत आने का न्योता दिया था। हालांकि नेपाल सरकार फिलहाल घरेलू योजनाओं और राष्ट्रीय बजट पर ज्यादा ध्यान देना चाहती है।

घरेलू मुद्दों को प्राथमिकता
प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार बालेन शाह भूमिहीनों से जुड़े मामलों, आर्थिक योजनाओं और 29 मई को पेश होने वाले बजट की तैयारियों में व्यस्त हैं। सरकार का मानना है कि शुरुआती तीन महीनों में जनता को ठोस नतीजे दिखाना ज्यादा जरूरी है, इसलिए विदेश यात्राओं को अभी कम प्राथमिकता दी जा रही है।

भारत दौरे से पहले नेपाल की तैयारी
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेपाल सरकार भारत के साथ होने वाली संभावित वार्ता के लिए लगभग 50 से 60 मुद्दों पर तैयारी कर रही है। इनमें Lipulekh Pass, लिम्पियाधुरा, कालापानी और नेपाल के संशोधित नक्शे से जुड़े विवाद प्रमुख हैं।

नेपाल सरकार चाहती है कि पिछली सरकारों की तरह सिर्फ औपचारिक यात्रा न हो, बल्कि राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट चर्चा की जाए। यही वजह है कि विदेश मंत्रालय और अन्य विभाग पुराने समझौतों और लंबित मामलों की समीक्षा कर रहे हैं।

भारत-नेपाल रिश्तों पर सबकी नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि बालेन शाह की विदेश नीति पर India और China दोनों की नजर है। नेपाल की नई सरकार फिलहाल संतुलन बनाकर चलना चाहती है ताकि किसी एक पक्ष के ज्यादा करीब जाने का संदेश न जाए।

इसी बीच भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी के काठमांडू दौरे की भी चर्चा है, जहां कई अहम द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। माना जा रहा है कि इसके बाद ही प्रधानमंत्री स्तर की यात्रा को अंतिम रूप दिया जाएगा।

नेपाल की नई कूटनीतिक रणनीति?
बालेन शाह सरकार का रुख यह संकेत दे रहा है कि नेपाल अब भारत और चीन दोनों के साथ रिश्तों में ज्यादा रणनीतिक और संतुलित नीति अपनाना चाहता है। आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि काठमांडू की नई सरकार दक्षिण एशिया की राजनीति में किस दिशा में आगे बढ़ती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर