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नौतपा के अंत में इंदौर को गर्मी से राहत, मई का सबसे कम तापमान दर्ज; आज तेज आंधी के आसार


मध्य प्रदेश । नौतपा के अंतिम दिनों में इंदौर में मौसम ने ऐसा करवट ली कि भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिल गई। मई के आखिरी दिन शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम रहा। खास बात यह रही कि यह पूरे मई महीने का सबसे कम अधिकतम तापमान रहा। लगातार कई दिनों तक तेज धूप और लू जैसी परिस्थितियों का सामना करने वाले शहरवासियों के लिए यह बदलाव राहत भरी खबर बनकर सामने आया है।

हालांकि तापमान में गिरावट दर्ज होने के बावजूद उमस ने लोगों का पीछा नहीं छोड़ा। वातावरण में नमी बढ़ने के कारण दिनभर चिपचिपी गर्मी महसूस की गई। रात का तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा। इसके बावजूद दिन के समय तेज गर्मी का असर कम रहने से लोगों ने राहत की सांस ली।

सोमवार सुबह मौसम साफ रहा, लेकिन मौसम विभाग ने दिन में तेज आंधी चलने की संभावना जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों और प्री-मानसून गतिविधियों के कारण आने वाले दिनों में भी मौसम में बदलाव बना रह सकता है। आंधी, बादल और हल्की बारिश की वजह से तापमान में और गिरावट दर्ज हो सकती है।

मई महीने की शुरुआत 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ हुई थी। पूरे महीने मौसम लगातार करवटें बदलता रहा। आंकड़ों के अनुसार मई के दौरान 20 दिनों तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। नौतपा के शुरुआती दिनों में सूरज ने जमकर तेवर दिखाए और कई बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। 18 मई को अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो महीने के सबसे गर्म दिनों में शामिल रहा।

इसके बाद महीने के अंतिम सप्ताह में मौसम का मिजाज अचानक बदलने लगा। बादलों की आवाजाही, हवाओं की दिशा में बदलाव और प्री-मानसून गतिविधियों के कारण तापमान में लगातार गिरावट आई। हालांकि पिछले करीब 15 दिनों से बढ़ी हुई नमी के कारण उमस लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार जून महीने में आमतौर पर तापमान में और कमी देखने को मिलती है। पिछले सात वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि जून में अधिकतम तापमान 39.6 से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। वर्ष 2025 में जून का अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं मानसून पूर्व गतिविधियों के चलते जून में सामान्यतः अच्छी बारिश भी होती है। पिछले वर्ष जून में इंदौर में करीब साढ़े पांच इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।

इंदौर के मौसम इतिहास में जून से जुड़े कई रोचक रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। वर्ष 1980 में जून के दौरान 17 इंच से अधिक बारिश हुई थी, जबकि 23 जून 2003 को 24 घंटे में लगभग पांच इंच बारिश दर्ज की गई थी। वहीं 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।

प्रदेशभर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई जिलों में आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिली हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह राहत भरा बना रह सकता है और लोगों को भीषण गर्मी से काफी हद तक राहत मिलने की संभावना है।

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