तेहरान। अमेरिका (America) और ईरान (Iran) के बीच जारी युद्ध में अब डेडलॉक की स्थिति बन गई है। एक तरफ जहां दोनों पक्षों के बीच सीजफायर (Ceasefire) को लेकर बातचीत जारी है, वहीं दूसरी तरफ दोनों देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में एक दूसरे के जहाजों पर हमले भी कर रहे हैं। ऐसे में युद्ध खत्म होने की संभावना खत्म हो रही है। इस बीच ईरान ने अमेरिका को एक बार फिर बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह किसी भी हालत में झुकेगा नहीं। इस दौरान ईरान ने यह भी दावा किया कि वह पहले से ज्यादा ताकतवर हो गया है और उसके मिसाइलों का स्टॉक 120 फीसदी बढ़ गया है।
शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची (Iranian Foreign Minister Seyyed Abbas Araghchi.) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में यह बातें कही हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान की मिसाइल क्षमता और लॉन्चरों की संख्या काफी बढ़ गई है। अराघची ने लिखा, “जब भी मेज पर कूटनीतिक समाधान निकल रहा होता है, अमेरिका एक लापरवाह सैन्य दुस्साहस का विकल्प चुनता है। क्या यह दबाव बनाने की घटिया चाल है या फिर अमेरिकी राष्ट्रपति को एक बार फिर किसी दलदल में धकेलने की कोशिश?”
क्या बोले अराघची?
पोस्ट में उन्होंने वाशिंगटन पोस्ट की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि ईरान के पास अब केवल 75 फीसदी लॉन्चर और 70 फीसदी मिसाइल भंडार बचा है। अराघची ने कहा कि ईरान राष्ट्र की रक्षा के लिए 1000 फीसदी तैयार है और 28 फरवरी की तुलना में उसके मिसाइल स्टॉक 120 फीसदी ज्यादा बढ़ चुके हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फिर तनाव
इस बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की नौसेना ने शुक्रवार सुबह अमेरिकी जहाजों पर हमले का दावा किया है। ईरान का दावा है कि यह कार्रवाई संघर्ष विराम के उल्लंघन और उसके एक तेल टैंकर के खिलाफ अमेरिकी सेना की आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई है।
ईरानी नौसेना ने बताया कि खुफिया निगरानी से पता चला है कि इस हमले में अमेरिकी सैन्य जहाजों को काफी नुकसान पहुंचा है। ईरान का दावा है कि हमले के बाद अमेरिकी सेना के तीन जहाज इस रास्ते से तेजी से पीछे हट गए हैं। वहीं अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने शुक्रवार को कहा है कि उसने दो और ईरानी टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया है। अमेरिकी सेना ने कहा कि यह जहाज अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।
युद्धविराम पर अब भी जारी है चर्चा
इस बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत जारी है। दोनों देशों के बीच 30 दिनों के लिए युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बयान में कहा है कि अमेरिका अब भी ईरान के जवाब का इंतजार कर रहा है।