Jal Ganga Sanvardhan Abhiyan : भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार जल संरक्षण और जल स्रोतों के संवर्धन को लेकर लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में राज्यभर में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अभियान की उपलब्धियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह पहल जल संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है। अभियान का उद्देश्य जल स्रोतों को बचाना, उनका विकास करना और लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना है।
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10,514 करोड़ रुपये की लागत से हुए लाखों कार्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत अब तक 10,514 करोड़ रुपये की लागत से 3.62 लाख से अधिक कार्यों का सफल क्रियान्वयन किया जा चुका है। इन कार्यों में तालाबों, कुओं, बावड़ियों, जलाशयों और अन्य जल संरचनाओं का संरक्षण एवं विकास शामिल है। सरकार का दावा है कि इन प्रयासों से जल स्तर सुधारने, जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को मजबूत करने में मदद मिली है।
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ग्राम पंचायतों में होंगे विशेष कार्यक्रम
अभियान के तहत 25 जून से 30 जून तक प्रदेश की ग्राम पंचायतों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही जल संरक्षण से जुड़े कार्यों और उपलब्धियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, ताकि लोग अभियान के सकारात्मक परिणामों को समझ सकें और इसमें अपनी भागीदारी बढ़ा सकें।
जल संरचनाओं का लोकार्पण और विशेष ग्राम सभाएं
इस विशेष अभियान के दौरान कई महत्वपूर्ण जल संरचनाओं का लोकार्पण भी किया जाएगा। इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन होगा, जहां जल संरक्षण और जल प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य है कि जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।