फैंटम स्टूडियोज का दावा है कि पहली फिल्म के निर्माण के समय दोनों पक्षों के बीच एक औपचारिक समझौता हुआ था। इस समझौते के अनुसार यदि भविष्य में ‘क्वीन’ से जुड़ा कोई सीक्वल, प्रीक्वल या संबंधित प्रोजेक्ट बनाया जाता है तो उसके अधिकार दोनों पक्षों के बीच समान रूप से साझा किए जाएंगे। कंपनी का आरोप है कि ‘क्वीन 2’ के निर्माण और विकास की प्रक्रिया में उनकी सहमति नहीं ली गई, जो समझौते का स्पष्ट उल्लंघन है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि फैंटम स्टूडियोज ने मई 2025 से इस विषय पर जियोस्टार से लगातार संपर्क करने की कोशिश की थी। कंपनी का कहना है कि उसने अपने अधिकारों और समझौते के पालन को लेकर कई बार संवाद स्थापित करने का प्रयास किया, लेकिन अपेक्षित जवाब नहीं मिला। इसके बाद कानूनी रास्ता अपनाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।
दूसरी ओर जियोस्टार ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए इन आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि ‘क्वीन 2’ मूल फिल्म का सीक्वल नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह नई कहानी और अलग अवधारणा पर आधारित फिल्म है। जियोस्टार के अनुसार नई फिल्म का पहली ‘क्वीन’ के पात्रों, कहानी, घटनाक्रम या रचनात्मक सामग्री से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है, इसलिए इसे सीक्वल की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।
कंपनी ने यह तर्क भी दिया है कि ‘Queen’ अंग्रेजी भाषा का एक सामान्य शब्द है और किसी एक संस्था का इस शब्द पर विशेष अधिकार नहीं हो सकता। इसलिए केवल शीर्षक के आधार पर इसे मूल फिल्म का विस्तार या सीक्वल मानना उचित नहीं होगा। अदालत में दोनों पक्षों के तर्क अब इस बात पर केंद्रित हैं कि नई फिल्म वास्तव में मूल कृति का विस्तार है या पूरी तरह स्वतंत्र रचना।
साल 2014 में रिलीज हुई ‘क्वीन’ को दर्शकों और समीक्षकों दोनों से व्यापक सराहना मिली थी। सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर उल्लेखनीय सफलता हासिल की थी। फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था और कंगना रनौत को उनके अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। इसी सफलता के कारण ‘क्वीन’ का नाम आज भी हिंदी सिनेमा की चर्चित फिल्मों में शामिल किया जाता है।
फिलहाल ‘क्वीन 2’ की स्टारकास्ट और रिलीज डेट को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कानूनी विवाद के कारण फिल्म एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। अब फिल्म का भविष्य काफी हद तक बॉम्बे हाईकोर्ट के आगामी निर्णय पर निर्भर करेगा। अदालत के फैसले से न केवल इस फिल्म की रिलीज प्रभावित हो सकती है, बल्कि भविष्य में फिल्मों के सीक्वल, रीमेक और बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े मामलों के लिए भी महत्वपूर्ण कानूनी दिशा तय हो सकती है।