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अजित पवार प्लेन क्रैश के बाद DGCA की बड़ी कार्रवाई, VSR के चार विमानों पर अनिश्चितकालीन रोक

नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने विशेष सुरक्षा ऑडिट के बाद VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के चार विमानों को तत्काल प्रभाव से ग्राउंड (उड़ान पर रोक) करने का आदेश दिया है। जांच में हवाई योग्यता, उड़ान संचालन और मेंटेनेंस प्रक्रियाओं में कई गंभीर उल्लंघन सामने आए हैं।

बारामती हादसे के बाद शुरू हुई सख्त जांच
यह कार्रवाई बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे के बाद की गई। इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।
हादसा दूसरी लैंडिंग की कोशिश के दौरान खराब दृश्यता में हुआ बताया गया था। यह कंपनी से जुड़ा पिछले कुछ वर्षों का तीसरा बड़ा हादसा माना जा रहा है, जिससे विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे।

चार विमानों पर अनिश्चितकालीन रोक
DGCA ने जिन विमानों को ग्राउंड किया है, वे कंपनी के नॉन-शेड्यूल ऑपरेशन (चार्टर) बेड़े का हिस्सा थे। नियामक ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी एयरवर्थनेस (Airworthiness) मानकों की पूरी तरह बहाली नहीं हो जाती, तब तक ये विमान उड़ान नहीं भर सकेंगे। कंपनी को कमी रिपोर्ट (Deficiency Report) जारी कर रूट-कॉज एनालिसिस जमा करने का निर्देश दिया गया है।

ऑडिट में क्या-क्या मिला?
4 से 16 फरवरी के बीच DGCA की टीम ने विस्तृत सुरक्षा ऑडिट किया।

जांच में सामने आया कि—

अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा था
रखरखाव प्रणाली में गंभीर खामियां थीं
सुरक्षा मानकों की निगरानी कमजोर थी
संचालन और दस्तावेजी अनुपालन में अनियमितताएं पाई गईं
इन निष्कर्षों के बाद नियामक ने सख्त कार्रवाई को जरूरी बताया, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।

विमान दुर्घटना जांच अलग से जारी
हादसे की तकनीकी जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है, जबकि DGCA ने नियामकीय और संचालन संबंधी जिम्मेदारियों की पड़ताल की।

अब नॉन-शेड्यूल उड़ानों पर कड़े नियम
हालिया घटनाओं को देखते हुए DGCA ने गैर-निर्धारित (NSOP) उड़ानों के लिए नए सुरक्षा नियम भी लागू करने की घोषणा की है।

अब ऑपरेटरों को—
विमानों का रखरखाव इतिहास सार्वजनिक करना होगा
विमान की उम्र और स्वामित्व परिवर्तन की जानकारी देनी होगी
सुरक्षा रैंकिंग जारी करनी होगी
वरिष्ठ प्रबंधन की जवाबदेही तय होगी

DGCA ने स्पष्ट कहा है कि सुरक्षा चूक का दोष केवल पायलट पर नहीं डाला जा सकता; कंपनी का नेतृत्व भी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर पायलट का लाइसेंस पांच वर्ष तक निलंबित किया जा सकता है।

संदेश साफ: बारामती हादसे के बाद भारत का एविएशन रेगुलेटर चार्टर और नॉन-शेड्यूल उड़ानों की निगरानी को लेकर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति की ओर बढ़ रहा है।

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