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चीन के गांसू में भीषण भूस्खलन से भारी तबाही, 21 मजदूरों की मौत, कई घंटे तक चला राहत एवं बचाव अभियान

नई दिल्ली । चीन के पश्चिमी गांसू प्रांत में आए भीषण भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। लोंगनान शहर के नानहे क्षेत्र में मंगलवार सुबह हुए इस हादसे में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए। प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने के बाद मृतकों और घायलों की संख्या की पुष्टि की है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में आपातकालीन बचाव दलों को तैनात किया गया और कई घंटों तक मलबा हटाने का अभियान चलाया गया।

जानकारी के अनुसार, भूस्खलन सुबह लगभग सात बजे उस समय हुआ जब घाटी क्षेत्र में स्थित सरकारी वानिकी फार्म के आसपास रहने वाले लोग अपने दैनिक कार्यों की तैयारी कर रहे थे। अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें नीचे आ गईं, जिससे आसपास का इलाका मलबे में दब गया। इस घटना की चपेट में कुल 33 लोग आ गए, जिनमें अधिकांश स्थानीय ग्रामीण और अस्थायी मजदूर शामिल थे।

राहत दलों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाया गया तथा फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। अभियान के दौरान पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि सात घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रशासन के अनुसार उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है।

प्रभावित लोगों में अधिकांश वे मजदूर थे जिन्हें घाटी में स्थित सरकारी फॉरेस्ट्री फार्म में अस्थायी रूप से काम पर लगाया गया था। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि राहत कार्य में कई एजेंसियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया और प्रभावित क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी गई ताकि किसी संभावित खतरे से बचा जा सके। बचाव अभियान पूरा होने के बाद प्रशासन ने मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि की।

हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाके को सुरक्षा कारणों से सील कर दिया है। विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि भूस्खलन किन परिस्थितियों में हुआ। शुरुआती स्तर पर किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, हालांकि क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और हालिया मौसम की परिस्थितियों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

गांसू प्रांत का पर्वतीय इलाका पहले भी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील माना जाता रहा है। यहां कई स्थानों पर ऊंचे पहाड़, संकरी घाटियां और अस्थिर ढलान होने के कारण भूस्खलन का जोखिम बना रहता है। प्रशासन समय-समय पर जोखिम वाले क्षेत्रों की निगरानी करता है, लेकिन इस बार हुई घटना ने स्थानीय स्तर पर व्यापक नुकसान पहुंचाया है।

चीनी प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए जोखिम वाले क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। फिलहाल अधिकारियों का ध्यान प्रभावित लोगों की सहायता, घायलों के उपचार और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच पर केंद्रित है।

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