सतना रतलाम सीधी उमरिया पन्ना पचमढ़ी रीवा श्योपुर नौगांव भोपाल नरसिंहपुर दमोह टीकमगढ़ बैतूल नर्मदापुरम इंदौर सिवनी सागर शिवपुरी बालाघाट छिंदवाड़ा रायसेन धार जबलपुर गुना उज्जैन खंडवा खरगोन दतिया मैहर शाजापुर सीहोर छतरपुर बुरहानपुर बड़वानी और पांढुर्णा सहित अनेक जिलों में दिनभर बारिश का दौर जारी रहा। लगातार हो रही वर्षा से जलस्तर बढ़ा है और खेतों में भी पर्याप्त नमी पहुंचने लगी है जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।
बारिश के बीच कई स्थानों पर हादसे भी सामने आए। बड़वानी जिले के सेंधवा स्थित सांदीपनि सीएम राइज स्कूल में कक्षा नौ की छत का प्लास्टर अचानक गिर गया जिससे दो छात्राएं घायल हो गईं। दोनों के सिर में मामूली चोटें आईं और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराया गया। इस घटना ने सरकारी स्कूलों की इमारतों की स्थिति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
उधर इंदौर के पास खुड़ैल रोड स्थित जेतकारण गांव में लगातार बारिश के कारण सड़क धंस गई जिससे स्कूली बच्चों का आवागमन बाधित हो गया। उफनते नाले को पार कराने के लिए ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर बच्चों को सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया। यह दृश्य स्थानीय लोगों की सतर्कता और सहयोग की मिसाल बन गया।
पन्ना जिले में भी तेज बारिश के कारण हरसा बागोहा नाला उफान पर आ गया। पुल के ऊपर से पानी बहने के बावजूद लोग जोखिम उठाकर नाला पार करते नजर आए जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। वहीं खजुराहो में लगातार बारिश के चलते खूडर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और एहतियात के तौर पर खजुराहो जटकरा मार्ग बंद करना पड़ा। प्रशासन लोगों से नदी नालों से दूर रहने की अपील कर रहा है।
हरदा जिले में भी बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। इस मानसून सीजन में यहां अब तक 13 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। कई जिलों में तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस से राहत मिली है।
मौसम विभाग ने आने वाले घंटों के लिए भी चेतावनी जारी की है। गुना अशोकनगर विदिशा सागर और छतरपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जबकि बड़वानी धार बुरहानपुर रतलाम टीकमगढ़ पन्ना सहित कई जिलों में भारी बारिश और गरज चमक के साथ वर्षा की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह बारिश का सिलसिला जारी रहा तो प्रदेश में खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलेगा और जलाशयों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ेगा।