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MSP भुगतान घोटाला: फर्जी खातों में पहुंची किसानों की मेहनत की रकम


शिवपुरी । शिवपुरी जिले में किसानों की मेहनत की कमाई पर बड़ा साइबर हमला सामने आया है, जहां समर्थन मूल्य पर बेचे गए गेहूं का भुगतान सीधे किसानों के खातों में न जाकर फर्जी बैंक खातों में पहुंच गया। इस मामले ने न केवल सरकारी भुगतान प्रणाली बल्कि आधार लिंकिंग और डिजिटल ट्रांजैक्शन व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जिले के कोलारस, बदरवास और शिवपुरी ब्लॉक की कई सहकारी संस्थाओं से जुड़े इस फर्जीवाड़े की जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही है। शुरुआती जांच में करीब 100 संदिग्ध बैंक खातों पर होल्ड लगाया गया है, जबकि संबंधित फिनो बैंक और कियोस्क आईडी की गहन जांच की जा रही है।

साइबर सेल प्रभारी धर्मेंद्र सिंह जाट के अनुसार, अभी तक दो किसानों की विस्तृत शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनके आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाई गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि गुना जिले के चक्का क्षेत्र में रामलाल सहरिया के नाम पर जारी कियोस्क आईडी के जरिए संदिग्ध खाते खोले गए थे, जिनका इस्तेमाल इस पूरे फर्जीवाड़े में किया गया।

मामले में सामने आए अलग-अलग उदाहरणों ने इस घोटाले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। ग्राम गंगौरा के किसान भजन सिंह ने पत्नी सुशीला देवी के नाम पर सेवा सहकारी संस्था कोटा में 86 क्विंटल गेहूं बेचा था, लेकिन भुगतान के लिए दिए गए एक्सिस बैंक खाते के बजाय 2.25 लाख रुपये फिनो बैंक के खाते में ट्रांसफर हो गए। परिवार का कहना है कि उनका इस बैंक में कोई खाता ही नहीं है।

इसी तरह ग्राम बेंहटा के किसान विश्वीर सिंह जाट ने 306 क्विंटल गेहूं बेचा, जिसमें 6.65 लाख रुपये का भुगतान फर्जी खाते में चला गया। वहीं ग्राम सूखा राजापुर के अमर सिंह लोधी के 1.48 लाख रुपये भी SBI खाते के बजाय फिनो बैंक खाते में पहुंच गए, जबकि परिवार ने ऐसे किसी खाते से इनकार किया है।

एक अन्य मामले में ग्राम सुरवाया के किसान राजेंद्र उर्फ गब्बर सिंह गुर्जर के 44 हजार 626 रुपये भी गलत खाते में ट्रांसफर हो गए, हालांकि समय रहते खाते को होल्ड कर दिया गया जिससे रकम निकाली नहीं जा सकी।

जांच में सामने आया है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में किसानों के नाम पर बिना दस्तावेज और बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के खाते खोले गए और उन्हें आधार से लिंक कर दिया गया। एनपीसीआई सिस्टम का दुरुपयोग कर नए लिंक किए गए खातों में सरकारी भुगतान सीधे ट्रांसफर करा लिया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह तरीका बेहद खतरनाक है क्योंकि इसी पैटर्न पर अन्य सरकारी योजनाओं जैसे पीएम आवास, लाड़ली बहना योजना, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग पेंशन की राशि भी खतरे में पड़ सकती है।

फिलहाल साइबर सेल पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और बैंकिंग सिस्टम से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है, ताकि इस बड़े फर्जीवाड़े में शामिल सभी आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

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