Mahakaushal Times

श्रीशैलम का रहस्यमयी मंदिर: जहां ज्योतिर्लिंग बदलता है रंग और दिव्य सर्प करता है सुरक्षा


नई दिल्ली । भारत के प्राचीन मंदिरों में कई ऐसे स्थान हैं जो रहस्यों और आस्था से भरे हुए हैं। ऐसा ही एक अद्भुत मंदिर आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में स्थित है, जिसे श्री भ्रामरांबा मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर कहा जाता है। यह पवित्र धाम नल्लमाला की पहाड़ियों और कृष्णा नदी के किनारे बसा हुआ है। यह स्थान ज्योतिष और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। यहां भगवान शिव को मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग और माता शक्ति को भ्रामरांबा शक्ति पीठ के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि यहां पुरुष और स्त्री ऊर्जा का दिव्य संगम देखने को मिलता है, जो इस स्थान को और भी विशेष बनाता है।

ज्योतिर्लिंग का बदलता रंग

श्रीशैलम के इस पवित्र ज्योतिर्लिंग के बारे में कहा जाता है कि यह दिन के अलग-अलग समय पर अपना रंग बदलता है। सुबह यह हल्का सफेद दिखाई देता है, दोपहर में पीला और शाम को इसमें लालिमा झलकती है। लोककथाओं के अनुसार, महाभारत काल में पांडवों ने अपने वनवास के दौरान यहां पांच गुप्त शिवलिंगों की स्थापना की थी।

मल्लिकार्जुन नाम की पौराणिक कथा
मल्लिकार्जुन नाम के पीछे एक रोचक कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि देवी पार्वती ने शिवलिंग पर मल्लिका चमेली के फूल अर्पित किए थे, जिससे वह शिवलिंग सुरक्षित रहा और भगवान शिव प्रकट हुए। तभी से भगवान को मल्लिकार्जुन नाम से जाना जाता है और उन्हें चमेली के फूल चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई।

दिव्य सर्प करता है मंदिर की रक्षा
लोक मान्यताओं के अनुसार 16वीं सदी से एक दिव्य नाग अंपला इस मंदिर की रक्षा करता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यह सर्प अदृश्य रूप में मंदिर की परिक्रमा करता है और भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इसे नाग देवता का स्वरूप माना जाता है।

दक्षिण कैलाश के रूप में प्रसिद्ध धाम
प्राचीन ग्रंथों में इस पवित्र स्थल को दक्षिण कैलाश के नाम से वर्णित किया गया है। एक मान्यता यह भी है कि माता पार्वती ने यहां भौंरे का रूप धारण कर तपस्या की थी, जिसके कारण उन्हें भ्रामरांबा नाम से पूजा जाता है। साथ ही एक लोककथा यह भी प्रचलित है कि मंदिर के प्रवेश द्वार पर भगवान गणेश एक अदृश्य लेखा-जोखा रखते हैं, जिसमें हर भक्त के कर्म दर्ज होते हैं। मान्यता है कि यहां साधना करने से व्यक्ति की चंद्र-शक्ति और सूर्य-ऊर्जा में संतुलन आता है और जीवन में आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर