तेज धूप और गर्म हवाओं का असर इतना तीखा है कि सुबह 9 बजे के बाद ही लू चलने लगती है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गर्मी की इस मार का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है, जो छांव और पानी की तलाश में भटकते नजर आ रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में तापमान में 1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं रात का तापमान भी 2 डिग्री बढ़कर 30.2 डिग्री सेल्सियस हो गया है, जिससे दिन के साथ-साथ रात में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।
लगातार बढ़ते तापमान के कारण सतना में हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक बढ़ सकती है। यदि यही स्थिति बनी रहती है, तो 2024 में दर्ज 47.1 डिग्री सेल्सियस के ऐतिहासिक तापमान का रिकॉर्ड भी टूट सकता है।
मौसम विभाग ने जिले में अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि 25 और 26 मई को रेड अलर्ट रहेगा, जबकि 27 और 28 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान भीषण गर्मी और लू चलने की पूरी संभावना जताई गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है, ताकि लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
नौतपा के इस प्रचंड असर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गर्मियों का यह समय कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिसमें सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।