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'आत्मसम्मान से कभी समझौता नहीं किया', इंडस्ट्री के कठिन दौर को याद कर छलका कल्पना अय्यर का दर्द, सम्मान बचाने के लिए छोड़ दिया अभिनय

नई दिल्ली । अभिनेत्री कल्पना अय्यर ने अपने लंबे अभिनय सफर और उससे जुड़े संघर्षों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने अपने करियर में कई कठिन दौर देखे, लेकिन कभी भी आत्मसम्मान और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि मनोरंजन जगत में काम करना उनके लिए केवल पेशा नहीं था, बल्कि अपने मूल्यों के साथ आगे बढ़ने का माध्यम भी था। जब परिस्थितियां ऐसी बनने लगीं कि सम्मान से समझौता किए बिना काम करना मुश्किल हो गया, तब उन्होंने अभिनय से दूरी बनाने का निर्णय लिया।

कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया पर अपनी पुरानी तस्वीरें साझा करते हुए अपने करियर के विभिन्न पड़ावों को याद किया। उन्होंने बताया कि टेलीविजन की दुनिया में उनका प्रवेश एक ऐसे अवसर से हुआ, जिसने उनके अभिनय जीवन को नई दिशा दी। उन्होंने उस महिला निर्देशक का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिन्होंने उनकी पहले से बनी छवि से अलग एक किरदार में उनकी क्षमता को पहचाना और उन पर भरोसा जताया। उसी विश्वास के कारण उन्होंने अपना पहला टेलीविजन शो करने का निर्णय लिया, जिसने उनके लिए नए अवसरों के द्वार खोल दिए।

उन्होंने कहा कि शुरुआती सफलता के बाद उन्हें कई लोकप्रिय धारावाहिकों में अभिनय करने का मौका मिला। इन परियोजनाओं ने उन्हें एक कलाकार के रूप में पहचान दिलाई और लंबे समय तक वह लगातार काम करती रहीं। इस दौरान उन्हें रचनात्मक संतुष्टि के साथ आर्थिक स्थिरता भी मिली। उन्होंने स्वीकार किया कि वह अपने करियर और निजी जीवन दोनों से संतुष्ट थीं और उस दौर को अपने जीवन का महत्वपूर्ण अध्याय मानती हैं।

अभिनेत्री ने बताया कि समय के साथ मनोरंजन उद्योग में कई बदलाव आए। नई कार्यशैली और बदलते माहौल ने कलाकारों के लिए परिस्थितियां अलग बना दीं। उनके अनुसार धीरे-धीरे ऐसे अवसर सामने आने लगे, जहां सम्मानजनक व्यवहार की कमी महसूस होने लगी। कई बार छोटे किरदारों और कम पारिश्रमिक के साथ काम करने का दबाव भी बढ़ा। उन्हें यह महसूस होने लगा कि यदि इंडस्ट्री में बने रहना है तो बिना सवाल किए हर तरह की शर्त स्वीकार करनी होगी।

कल्पना अय्यर ने कहा कि उन्होंने इस स्थिति पर गंभीरता से विचार किया और अपने जीवन के मूल्यों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया। उनके लिए आत्मसम्मान किसी भी पेशेवर अवसर से अधिक महत्वपूर्ण था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह केवल काम करते रहने के लिए अपनी ईमानदारी, गरिमा और सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकती थीं। यही कारण रहा कि उन्होंने अभिनय से दूर होकर जीवन में आगे बढ़ने का फैसला किया।

उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए यह भी संकेत दिया कि हर कलाकार के सामने ऐसे क्षण आते हैं, जब उसे सफलता और आत्मसम्मान के बीच चुनाव करना पड़ता है। उनके अनुसार किसी भी पेशे में सम्मान और नैतिक मूल्यों का महत्व सबसे अधिक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में लिए गए कुछ फैसले आसान नहीं होते, लेकिन यदि वे अपने सिद्धांतों की रक्षा करते हैं तो लंबे समय में वही सबसे सही साबित होते हैं।

कल्पना अय्यर की यह भावनात्मक टिप्पणी मनोरंजन जगत में बदलते कार्य परिवेश और कलाकारों के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी ध्यान आकर्षित करती है। उनका मानना है कि किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान उसका आत्मसम्मान और उसके मूल्य होते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने करियर का कठिन लेकिन महत्वपूर्ण फैसला लिया और आज भी उसे सही मानती हैं।

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