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ऊर्जा सुरक्षा की नई राह सागर अदाणी बोले तेज विद्युतीकरण ही भारत के आर्थिक विकास की सबसे बड़ी ताकत


नई दिल्ली । ऊर्जा सुरक्षा आर्थिक विकास और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अब तेजी से विद्युतीकरण सबसे प्रभावी समाधान बनकर उभर रहा है। अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो भरोसेमंद किफायती और चौबीसों घंटे स्वच्छ बिजली उपलब्ध करा सके। इसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा के साथ आधुनिक ऊर्जा भंडारण तकनीकों का विस्तार बेहद जरूरी है।

लंदन क्लाइमेट एक्शन वीक के दौरान आयोजित अदाणी ग्रीन एनर्जी डायलॉग में सागर अदाणी ने कहा कि दुनिया के सामने ऊर्जा सुरक्षा वहनीयता और पर्यावरण संरक्षण जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। इन तीनों समस्याओं का सबसे मजबूत समाधान तेजी से बढ़ता विद्युतीकरण है। उनका कहना था कि जो देश दीर्घकालिक आर्थिक विकास और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं उन्हें अब इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने होंगे।

उन्होंने बताया कि केवल सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन पर्याप्त नहीं है बल्कि इन्हें बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़ना भी आवश्यक है। इससे स्वच्छ ऊर्जा की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जा सकती है और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर तथा विश्वसनीय बनती है।

सागर अदाणी ने कहा कि अदाणी ग्रीन इसी सोच के साथ वर्ष 2030 तक 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है। गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क विकसित किया जा रहा है जहां बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण तकनीकों को भी शामिल किया जा रहा है। इससे भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

इस कार्यक्रम में दुनिया भर के नीति निर्माता निवेशक उद्योग विशेषज्ञ और जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। चर्चा के दौरान स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को तेज करने के लिए निवेश नई नीतियों और मजबूत बुनियादी ढांचे की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाकर ही कम कार्बन अर्थव्यवस्था की दिशा में तेज बदलाव संभव होगा।

एनर्जी ट्रांजिशन्स कमीशन के सह अध्यक्ष लॉर्ड अडेयर टर्नर ने कहा कि यदि दुनिया को शून्य उत्सर्जन वाली अर्थव्यवस्था बनानी है तो बिजली उत्पादन को अधिकतम स्तर तक स्वच्छ और कार्बन मुक्त बनाना होगा। उन्होंने कहा कि सड़क परिवहन भवनों की ऊर्जा जरूरतों और औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युतीकरण अब आर्थिक रूप से भी लाभदायक साबित हो रहा है।

अदाणी समूह आने वाले वर्षों में ऊर्जा परिवर्तन और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 100 अरब डॉलर से अधिक निवेश करने की योजना पर काम कर रहा है। समूह ग्रीन हाइड्रोजन ऊर्जा भंडारण ट्रांसमिशन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक औद्योगिक तकनीकों में भी निवेश बढ़ा रहा है। हाल ही में समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने भी परमाणु ऊर्जा नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण को मिलाकर विविध ऊर्जा पोर्टफोलियो विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उनका मानना है कि यही मॉडल भविष्य में भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित किफायती और पर्यावरण अनुकूल तरीके से पूरा करेगा।

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