ड्रिप लगाने के बाद बिगड़ी हालत, परिजनों ने लगाए आरोप
परिवार का आरोप है कि निजी क्लिनिक में बच्ची को लगातार कई ड्रिप चढ़ाई गईं। उनका कहना है कि इलाज के दौरान बच्ची की हालत बिगड़ने लगी, लेकिन उन्हें आश्वस्त किया जाता रहा कि वह जल्द ठीक हो जाएगी। परिजनों के अनुसार घर पहुंचने के बाद बच्ची के हाथ-पैर और होंठ नीले पड़ने लगे, जिसके बाद उसे तत्काल दूसरे अस्पताल ले जाया गया। बाद में उसे गंभीर स्थिति में बाल चिकित्सालय रेफर किया गया, जहां उसे बचाया नहीं जा सका।
सच्चाई जानने के लिए 4 दिन बाद निकाला गया शव
मौत के बाद परिवार ने इलाज में लापरवाही की आशंका जताते हुए पुलिस से शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम की अनुमति से बच्ची का शव चार दिन बाद कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी की गई और पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार कराया गया।
5 डॉक्टरों की विशेष टीम ने किया पोस्टमॉर्टम
जांच अधिकारियों के अनुसार पोस्टमॉर्टम पांच डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत का वास्तविक कारण क्या था और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं। जांच एजेंसियां इलाज से जुड़े दस्तावेज, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य भी जुटा रही हैं।
परिवार का दर्द: ‘मेरी बेटी नहीं लौटेगी, लेकिन सच सामने आना चाहिए’
बेटी की मौत से परिवार गहरे सदमे में है। पिता ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी बेटी अब वापस नहीं आ सकती, लेकिन यदि किसी की लापरवाही से उसकी जान गई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। परिवार की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए।
जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, मेडिकल दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, मौत के कारण या किसी की जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।