जानकारी के अनुसार, नरसिंहगढ़ ब्लॉक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में खराब प्रदर्शन पर सीबीएमओ डॉ. राजेंद्र अहिरवार को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा खिलचीपुर और राजगढ़ ब्लॉक के सीबीएमओ को बैठक में अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिनों के भीतर सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के वेतन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर गर्भवती महिलाओं का पंजीयन समय पर नहीं हो रहा है और उनकी नियमित जांच में लापरवाही बरती जा रही है। इस पर प्रशासन ने सख्त नाराजगी जताते हुए प्रत्येक ब्लॉक से सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पांच सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और एएनएम को भी नोटिस जारी किए हैं।
इसके अलावा ओपीडी सेवाओं और स्वास्थ्य शिविरों में तय लक्ष्य के अनुसार एक्स-रे जांच नहीं होने पर भी संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई गई है। प्रशासन ने इसे गंभीर सेवा लापरवाही मानते हुए सुधार के निर्देश दिए हैं।
पोषण पुनर्वास केंद्रों की स्थिति भी समीक्षा में संतोषजनक नहीं पाई गई। यहां बच्चों की कम संख्या और समय से पहले डिस्चार्ज किए जाने के मामलों पर भी कार्रवाई की गई है। इस पर जिले के सभी छह फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. इच्छित गढ़पाले ने स्पष्ट कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों में जमीनी स्तर पर सुधार नहीं दिखता है तो और भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।