नई दिल्ली।
गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन जाती है। खासकर जब किसी व्यक्ति को दस्त, उल्टी या ज्यादा पसीना आने जैसी स्थिति होती है, तब शरीर तेजी से जरूरी तरल पदार्थ और नमक खोने लगता है। इस स्थिति में सही समय पर ध्यान न दिया जाए तो कमजोरी, चक्कर आना और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
ऐसे हालात में स्वास्थ्य विशेषज्ञ ओआरएस को सबसे सरल और प्रभावी उपाय मानते हैं। ओआरएस यानी ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम और पोटैशियम की कमी को तेजी से पूरा करने में मदद करता है। यह शरीर को तुरंत हाइड्रेट करने का काम करता है और मरीज की हालत को बिगड़ने से रोकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब दस्त या उल्टी शुरू होती है, तो केवल पानी पीना पर्याप्त नहीं होता क्योंकि उससे सिर्फ प्यास बुझती है, लेकिन शरीर में खोए हुए नमक और मिनरल्स की भरपाई नहीं हो पाती। ओआरएस इसी कमी को पूरा करता है और शरीर के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है।
ओआरएस का इस्तेमाल बहुत आसान माना जाता है। इसे एक लीटर साफ पानी में घोलकर छोटे-छोटे घूंट में पिया जाता है, जिससे शरीर धीरे-धीरे हाइड्रेट होता रहता है। यह बच्चों, वयस्कों और बुजुर्गों सभी के लिए सुरक्षित माना जाता है, खासकर तब जब शरीर कमजोर हो रहा हो।
डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के दिनों में यह समस्या और बढ़ जाती है क्योंकि पसीने के जरिए भी शरीर से काफी मात्रा में पानी और नमक बाहर निकल जाता है। ऐसे में ओआरएस शरीर को तुरंत राहत देने में मदद करता है और अस्पताल जाने की जरूरत को भी कई मामलों में कम कर सकता है।
ओआरएस को एक ऐसा सरल और प्रभावी उपाय माना जाता है जो डिहाइड्रेशन जैसी समस्या से तेजी से राहत देने में मदद करता है और शरीर के जरूरी संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।