कथा के दौरान जारी अपने संदेश में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मासूम बच्चों का असमय इस दुनिया से चले जाना अत्यंत पीड़ादायक और दुखद है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने बच्चे को खोने का दुख शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। यह ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं होती। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं पूरी तरह से उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।
पंडित मिश्रा ने दिवंगत बच्चों को श्रद्धांजलि देते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे सभी मासूम आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। साथ ही उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की कि शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति और साहस मिले। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं पूरे समाज को भीतर तक झकझोर देती हैं और हर संवेदनशील व्यक्ति को पीड़ा पहुंचाती हैं।
उन्होंने हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि ईश्वर सभी घायलों को जल्द स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें और उन्हें इस कठिन परिस्थिति से बाहर निकलने की शक्ति दें। उन्होंने लोगों से भी पीड़ित परिवारों के लिए प्रार्थना करने और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहने की अपील की।
पंडित प्रदीप मिश्रा के इस भावुक संदेश के बाद देश और विदेश में मौजूद उनके लाखों अनुयायियों ने भी सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से हादसे पर शोक व्यक्त किया। श्रद्धालुओं ने दिवंगत बच्चों की आत्मा की शांति तथा पीड़ित परिवारों को संबल प्रदान करने के लिए प्रार्थनाएं कीं।
लखनऊ की इस दुखद घटना ने एक बार फिर सभी को जीवन की अनिश्चितताओं का एहसास कराया है। पूरे देश में इस हादसे को लेकर शोक का माहौल है और लोग मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जता रहे हैं।