Mahakaushal Times

सरकार में परफॉर्मेंस रिव्यू मीटिंग, आज तय होंगे कामकाज के नए फोकस


मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मोहन सरकार के ढाई साल पूरे होने से ठीक पहले आज भोपाल में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक होने जा रही है, जिसमें मंत्रियों के कामकाज का विस्तृत आकलन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व कार्यालय में मंत्रियों के साथ वन-टू-वन चर्चा करेंगे।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार के गठन (दिसंबर 2023) से लेकर अब तक किए गए कार्यों का मूल्यांकन करना और आने वाले ढाई साल के लिए नए लक्ष्य तय करना है। हर मंत्री को अपने विभाग का पूरा रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करना होगा, जिसमें उपलब्धियां और अधूरे कार्य दोनों शामिल रहेंगे।

बैठक में सबसे पहले प्रभार वाले जिलों में विभिन्न समितियों के गठन की स्थिति पर सवाल उठाए जाएंगे। दिशा समिति, जनभागीदारी समिति, जिला स्तरीय समन्वय समिति और मॉनिटरिंग कमेटी जैसी व्यवस्थाओं के गठन और उनके कामकाज की समीक्षा की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि कौन सी समितियां सक्रिय हैं और कौन सी अब तक अधूरी हैं।

इसके अलावा मंत्रियों से उनके प्रभार वाले क्षेत्रों और स्वयं की विधानसभा सीटों की राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा होगी। खासकर हारी हुई सीटों पर संगठन की रणनीति, बूथ स्तर की स्थिति और विपक्ष की गतिविधियों पर फोकस रहेगा।

बैठक में यह भी पूछा जाएगा कि मंत्रियों ने अपने विभागों में किन समस्याओं का सामना किया, कौन सी नई पहल की और कहां सुधार की जरूरत है। कुछ मंत्री अफसरों की कार्यशैली से जुड़ी शिकायतें भी रख सकते हैं।

आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर भी तैयारियों की समीक्षा होगी। मंत्रियों से पूछा जाएगा कि उनके जिलों में चुनावी स्थिति कैसी है, कौन से क्षेत्र मजबूत हैं और किन जगहों पर रणनीति बदलने की जरूरत है।

साथ ही प्रत्येक मंत्री से यह रिपोर्ट ली जाएगी कि मुख्यमंत्री संकल्प पत्र के तहत दिए गए लक्ष्यों में से कितने पूरे हुए हैं और कितने अभी लंबित हैं। निगम, मंडल और बोर्ड के साथ समन्वय की स्थिति भी जांची जाएगी।

राज्यमंत्रियों के साथ कार्य विभाजन को लेकर भी स्पष्टता मांगी जाएगी कि कौन-कौन से कार्य कैबिनेट स्तर पर देखे जा रहे हैं और कौन से राज्यमंत्री संभाल रहे हैं।

बैठक में मंत्रियों के दौरे, जनसंपर्क, विकास कार्यों की समीक्षा और प्रमुख योजनाओं जैसे लाड़ली बहना, किसान कल्याण, गृह प्रवेश योजना आदि में उनकी भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा होगी।

अंत में प्रभार वाले जिलों की प्रमुख समस्याओं जैसे जल संकट, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा पर समाधान की रणनीति भी प्रस्तुत करनी होगी। यह बैठक सरकार के अगले ढाई साल की दिशा तय करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर