PM Surya Ghar Yojana : भोपाल। पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना देशभर में स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने का बड़ा माध्यम बन रही है। इस योजना के जरिए लाखों परिवार अब सौर ऊर्जा से अपनी जरूरत की बिजली तैयार कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में भी इस योजना का तेजी से विस्तार हो रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना को भारत के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह देश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि “स्वच्छ ऊर्जा से रोशन नया भारत” अब तेजी से साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल बिजली बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी अहम भूमिका निभा रही है।
देशभर में 40 लाख परिवारों को मिला लाभ
सीएम मोहन यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में अब तक 40 लाख परिवार सौर ऊर्जा से लाभान्वित हो चुके हैं। इन घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे लोगों के बिजली बिल में बड़ी कमी आई है। कई परिवार अब लगभग शून्य बिजली बिल की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस योजना के जरिए लोगों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ पर्यावरण को भी फायदा पहुंच रहा है। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से कार्बन उत्सर्जन कम हो रहा है और प्रदूषण पर भी नियंत्रण में मदद मिल रही है। सरकार का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा परिवारों को इस योजना से जोड़ना है।
मध्य प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा सोलर नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में अब तक 1 लाख 21 हजार 838 से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इन सोलर संयंत्रों से प्रदेश में 456 मेगावॉट से ज्यादा स्वच्छ सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता और बढ़ाई जाएगी। राज्य सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिससे अधिक से अधिक लोग सौर ऊर्जा अपनाएं और पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम हो।
CM Mohan Yadav: सांची से मंगोलिया तक दुनिया देखेगी बुद्ध की विरासत — CM मोहन यादव
क्या है पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य देश के करोड़ों परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है। इस योजना के तहत घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जाते हैं, जिससे लोग अपनी जरूरत की बिजली खुद तैयार कर सकें।
सरकार इस योजना के तहत सब्सिडी भी प्रदान करती है ताकि आम लोग आसानी से सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें। योजना का मुख्य लक्ष्य बिजली खर्च कम करना, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है।