जानकारी के अनुसार, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर इस प्रतिमा की स्थापना हाल ही में की गई थी। प्रतिमा के चबूतरे पर नाम पट्टिका भी लगाई जा चुकी थी और स्थापना से जुड़ा कार्य शनिवार रात तक पूरा हो गया था। रविवार सुबह स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने जब स्थल का निरीक्षण किया तो चबूतरे का निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त मिला। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई और मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि घटना आधी रात के बाद हुई हो सकती है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है ताकि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए हैं और विभिन्न तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
घटना के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे गंभीर बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से संबंधित थाने में शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक स्मारकों के साथ इस प्रकार की तोड़फोड़ लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और जिम्मेदार लोगों की जल्द पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को कोलकाता पहुंचने वाले हैं। उनका दौरा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए निर्धारित है। कार्यक्रम के दौरान वह उनके आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और बाद में न्यू टाउन स्थित इको पार्क में प्रस्तावित 125 फीट ऊंची प्रतिमा की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इसके बाद उनका जयंती समारोह में भाग लेने का कार्यक्रम तय है।
भाजपा नेताओं ने इस दौरे को संगठन के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए व्यापक तैयारियां की हैं। पार्टी का कहना है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों और योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रतिमा का अनावरण और अन्य आयोजन भी प्रस्तावित हैं।
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और घटना की निष्पक्ष जांच पर केंद्रित है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान के लिए उपलब्ध सभी तकनीकी और प्रत्यक्ष साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, अमित शाह के प्रस्तावित दौरे और उससे जुड़े कार्यक्रमों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी और अधिक सख्त कर दी गई है।