Mahakaushal Times

बुंदेलखंड राज्य की मांग पर गरमाई राजनीति: आजाद क्रांति पार्टी ने चित्रकूट से फूंका आंदोलन का बिगुल, गांव-गांव तक जाएगा अभियान



नई दिल्ली(New Delhi)।
चित्रकूट में एक बार फिर बुंदेलखंड अलग राज्य निर्माण की मांग ने जोर पकड़ लिया है। इस बार आजाद क्रांति पार्टी ने इस मुद्दे को खुलकर उठाते हुए आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी ने साफ कहा है कि अब यह लड़ाई सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे जमीन पर उतरकर पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में व्यापक आंदोलन के रूप में चलाया जाएगा। इसके लिए सभी जनपदों में प्रदर्शन किए जाएंगे और इसमें महिलाओं की भागीदारी को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया है।

मुख्यालय कर्वी स्थित पटवारी का हाता, कुबेरगंज में पार्टी कार्यालय के शुभारंभ के मौके पर प्रदेश अध्यक्ष राजीव श्रीवास्तव (मेजर) ने कहा कि पार्टी ने अपना स्पष्ट एजेंडा तय कर लिया है और जल्द ही बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक जितनी भी सरकारें और राजनीतिक दल आए हैं, उन्होंने बुंदेलखंड के लोगों को सिर्फ आश्वासन देकर गुमराह किया है और क्षेत्र के विकास के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि बुंदेलखंड लंबे समय से पिछड़ेपन, बेरोजगारी, पलायन और पानी की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन राजनीतिक दलों ने इसे सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि अब जनता को जागरूक कर एक मजबूत आंदोलन खड़ा किया जाएगा ताकि अलग राज्य की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से रखा जा सके।

इस मौके पर महिला सेना की प्रदेश अध्यक्ष सीमा निगम ने भी संगठन की भूमिका को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी आंदोलन महिलाओं की भागीदारी के बिना सफल नहीं हो सकता। बुंदेलखंड राज्य निर्माण के आंदोलन में महिलाओं की शुरू से ही अहम भूमिका रही है और आगे भी वे कंधे से कंधा मिलाकर इस लड़ाई में शामिल रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने अपने संविधान में महिलाओं को 40 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

जिलाध्यक्ष रश्मि सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण की लड़ाई को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए महिलाओं को जागरूक करने के अभियान चलाए जाएंगे और उन्हें आंदोलन से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के लिए तहसील स्तर से लेकर वार्ड और बूथ स्तर तक महिलाओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं, ताकि आंदोलन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिल सके।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें पुनीता खरे, सुरेंद्र सिंह खंगार, रेनू देवी, पलक सिंह, गोमती, केशकली, प्रीति देवी, काजल, संगीता देवी, रूपा त्रिपाठी, गुड्डन, शिवप्यारी, रानी देवी, मधु, ऊषा, सरोज, रन्नू, सरिता, रीता, कविता, आरती, विमला, अनुराधा सहित कई लोग शामिल रहे।

कुल मिलाकर आजाद क्रांति पार्टी ने एक बार फिर बुंदेलखंड अलग राज्य के मुद्दे को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सक्रिय कर दिया है और आने वाले समय में क्षेत्र में इसको लेकर बड़े आंदोलनों की संभावना जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर