Mahakaushal Times

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर सियासत तेज, अखिलेश यादव ने AI वीडियो शेयर कर BJP पर साधा निशाना


नई दिल्‍ली । अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. इस बार उन्होंने सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम का 4 मिनट 40 सेकेंड का AI वीडियो शेयर किया और सवाल किया, “क्या फिर चले गए वनवास?” इस वीडियो के जरिए मंदिर में हुई चोरी और उससे जुड़े घटनाक्रम को प्रतीकात्मक अंदाज में दिखाया गया है.

अखिलेश यादव ने जो वीडियो शेयर किया है, वह सिर्फ एक गाना नहीं बल्कि एक सिनेमैटिक प्रस्तुति है. इसकी शुरुआत सूनी और शांत अयोध्या से होती है. इसके बाद मंदिर के अंदर भगवान श्रीराम की AI से बनाई गई आकृति दिखाई देती है. पूरे वीडियो में माहौल गंभीर रखा गया है, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि मंदिर में हुई घटना से अयोध्या का वातावरण बदल गया है.

वीडियो के अगले हिस्से में मंदिर का वो कोना दिखता है जहां चोरी हुई. विजुअल्स में एक बड़ा दानपात्र और आसपास का सामान नजर आता है. गाना आगे बढ़ने पर अयोध्या के लोग और साधु-संत हाथ जोड़े खड़े दिखाई देते हैं, और प्रभु राम नगरी की सीमा की तरफ बढ़ते हैं. कुल मिलाकर अखिलेश यादव ने इस पूरे वीडियो और भजन के माध्यम से धर्म के नाम पर सरकार को आड़े हाथों लिया है.

बता दें कि अबतक इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की टीमों ने अनुकल्प मिश्रा समेत सभी सात आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की. करीब डेढ़ से ढाई घंटे चली इस कार्रवाई में अलमारियों और बक्सों का कोना-कोना छाना गया. जांच में सामने आया है कि आरोपी अनुकल्प मिश्रा ने अपने घर पर सात दिनों की भव्य रामकथा का आयोजन कराया था, जिस पर 50 लाख रुपये से अधिक खर्च किए गए थे. इस आयोजन के एक वीडियो में चंपत राय भी मौजूद दिख रहे हैं.

यह पूरा मामला 5 जून 2026 को तब सामने आया था, जब राम मंदिर परिसर में रूटीन चेकिंग के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने कुछ कर्मचारियों की जेब से नकदी बरामद की. इसके बाद 7 जून को जब यह बात पब्लिक हुई, तो अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस गबन का मुद्दा उठाकर जांच की मांग की. विपक्ष के दबाव और लोगों के गुस्से को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 जून 2026 को इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया.

फिलहाल मामले की जांच तेज है. प्रशासन लगातार सभी आरोपियों की अवैध संपत्तियों और सबूतों को जुटाने में लगा है, ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर