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डॉलर में कमजोरी और पश्चिम एशिया तनाव से चमकी कीमती धातुएं, सोना रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचा, चांदी में भी उछाल हेडलाइन विकल्प 2:

नई दिल्ली । वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच गुरुवार को घरेलू कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखने को मिली। डॉलर में आई कमजोरी और सुरक्षित निवेश विकल्पों की बढ़ती मांग ने कीमती धातुओं को समर्थन प्रदान किया। निवेशकों ने जोखिम वाले परिसंपत्तियों से दूरी बनाते हुए सोने और चांदी की ओर रुख किया, जिसके चलते दोनों धातुओं के वायदा भाव में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के अगस्त वायदा अनुबंध में कारोबार के दौरान अच्छी तेजी देखी गई। शुरुआती सत्र से ही पीली धातु मजबूत रुख के साथ कारोबार करती रही और दिन के दौरान ऊंचे स्तर तक पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों की सतर्कता और डॉलर की कमजोरी ने सोने को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जब भी अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक आमतौर पर सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में प्राथमिकता देते हैं।

चांदी की कीमतों में भी दिनभर उतार-चढ़ाव के बीच मजबूती बनी रही। कारोबार के शुरुआती चरण में चांदी ने ऊंचे स्तर को छुआ, हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली। इसके बावजूद कुल मिलाकर चांदी के भाव सकारात्मक दायरे में बने रहे। बाजार विश्लेषकों के अनुसार औद्योगिक मांग और सुरक्षित निवेश दोनों कारणों से चांदी को भी समर्थन मिल रहा है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने वैश्विक वित्तीय बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। हालिया सैन्य गतिविधियों और अमेरिका तथा ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी संभावित संघर्ष या अस्थिरता का सीधा प्रभाव कमोडिटी बाजारों पर पड़ता है, विशेषकर सोने जैसी सुरक्षित परिसंपत्तियों पर। यही कारण है कि हाल के दिनों में कीमती धातुओं में निवेश बढ़ा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक समाधान से जुड़ी खबरों पर भी नजर बनाए हुए है। यदि तनाव कम करने की दिशा में कोई सकारात्मक प्रगति होती है तो सोने और चांदी की कीमतों में कुछ दबाव देखने को मिल सकता है। वहीं यदि अनिश्चितता बनी रहती है तो सुरक्षित निवेश की मांग और बढ़ सकती है।

इस बीच अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। तेल बाजार में नरमी से वैश्विक मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन भू-राजनीतिक जोखिम अभी भी निवेशकों की प्राथमिक चिंता बने हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में डॉलर की चाल, अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और पश्चिम एशिया की स्थिति सोने-चांदी की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

विश्लेषकों के अनुसार, तकनीकी दृष्टि से भी सोना और चांदी महत्वपूर्ण स्तरों के आसपास कारोबार कर रहे हैं। यदि ये धातुएं अपने प्रमुख प्रतिरोध स्तरों को पार कर स्थिर होती हैं तो आगे और तेजी की संभावना बन सकती है। हालांकि निवेशकों को वर्तमान अस्थिर माहौल में सावधानी बरतने और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

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