निर्देशक आदित्य धर ने भी लिया रिस्क
फिल्म के निर्देशक आदित्य धर ने भी इसी मॉडल को अपनाया। उन्होंने भी कम फिक्स्ड फीस लेकर फिल्म के लाभ में हिस्सेदारी स्वीकार की।निर्माताओं के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य यह था कि फिल्म से जुड़े प्रमुख लोगों की सफलता में सीधी भागीदारी हो और सभी का फोकस बेहतर परिणाम देने पर रहे।
जब बजट बढ़ा, लेकिन दांव सफल रहा
ज्योति देशपांडे के मुताबिक फिल्म का वास्तविक खर्च शुरुआती अनुमान से काफी अधिक हो गया था। शुरुआत में जो बजट तय किया गया था, वह बाद में लगभग दोगुना हो गया। हालांकि फिल्म की शानदार कमाई ने इस जोखिम को सफलता में बदल दिया और निवेशकों से लेकर कलाकारों तक सभी को इसका लाभ मिला।
एक फिल्म से बनी दो फिल्मों की फ्रेंचाइजी
निर्माताओं का कहना है कि शुरुआत में ‘धुरंधर’ को एक ही फिल्म के रूप में बनाया जा रहा था। लेकिन पहले शेड्यूल की शूटिंग पूरी होने के बाद कहानी और फुटेज का दायरा इतना बढ़ गया कि इसे दो भागों में रिलीज करने का फैसला लिया गया। यही निर्णय बाद में फ्रेंचाइजी की सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ।
शानदार स्टारकास्ट ने बढ़ाई फिल्म की ताकत
फिल्म में रणवीर सिंह के अलावा अक्षय खन्ना, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, गौरव गेरा, सारा अर्जुन और राकेश बेदी जैसे कलाकार नजर आए।
रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुई ‘धुरंधर 2
रिपोर्ट्स के अनुसार ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ ने मिलकर दुनिया भर में लगभग 3000 करोड़ रुपये का कारोबार किया। वहीं ‘धुरंधर 2’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। इस सूची में शीर्ष स्थान पर दंगल बनी हुई है।
‘धुरंधर’ की सफलता यह दिखाती है कि फिल्म इंडस्ट्री में केवल बड़ी फीस ही कमाई का रास्ता नहीं होती। सही रणनीति, जोखिम उठाने की क्षमता और मुनाफे में हिस्सेदारी का मॉडल कलाकारों और निर्माताओं दोनों के लिए बेहद लाभदायक साबित हो सकता है।