नई दिल्ली। रतलाम मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में ओवरलोड वाहन एक बार फिर दर्दनाक हादसे की वजह बन गया। सैलाना क्षेत्र के सकरावदा गांव में बुधवार सुबह मजदूरों से भरा एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में 15 वर्षीय किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हो गए। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, ऑटो रिक्शा (MP 43 K 2267) फूफीरुंडी गांव से करीब 25 से 30 मजदूरों को बैठाकर सैलाना की ओर जा रहा था। सुबह करीब 7:30 बजे सकरावदा के इमली चौक के पास मोड़ पर तेज रफ्तार और अत्यधिक भार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते ऑटो सड़क पर पलट गया और उसमें सवार लोग उसके नीचे दब गए।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तुरंत दौड़कर पहुंचे और ऑटो के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। इस हादसे में फूफीरुंडी निवासी 15 वर्षीय कविता खराड़ी की ऑटो के नीचे दबने से मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही एंबुलेंस और पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल सैलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। हादसे में घायल कालीबाई मईड़ा और रेखा खराड़ी का अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि अन्य को मामूली चोटें आई हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दुर्घटनाग्रस्त ऑटो पर दो दिन पहले ही ओवरलोडिंग के मामले में 15 हजार रुपए का चालान किया गया था। इसके बावजूद चालक ने नियमों की अनदेखी करते हुए फिर क्षमता से अधिक मजदूरों को वाहन में बैठा लिया।
सैलाना थाना प्रभारी पिंकी आकाश ने बताया कि चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय वाहन में कितने लोग सवार थे और सुरक्षा नियमों का कितना उल्लंघन किया गया।
क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। इससे पहले 2 मई को भी करीब 50 मजदूरों से भरी बोलेरो खाई में गिर गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन कुछ दिन कार्रवाई करता है, लेकिन बाद में ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण नहीं रह पाता। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग पर प्रशासनिक सख्ती की जरूरत को उजागर करता है।