रवींद्र जडेजा ने इस सीजन में अब तक ऑलराउंड प्रदर्शन के जरिए अपनी उपयोगिता साबित करने की कोशिश की है। उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कुछ मैचों में उन्होंने मिडिल ओवर्स में विकेट निकालकर विपक्षी टीम की रन गति पर रोक लगाई, जबकि जरूरत पड़ने पर बल्ले से भी उपयोगी पारियां खेली हैं।
चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मुकाबले में जडेजा ने प्रभावी गेंदबाजी करते हुए दो अहम विकेट लिए और टीम को शुरुआती सफलता दिलाई। इसके बाद गुजरात टाइटंस के खिलाफ उन्होंने किफायती गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में नाबाद रहकर टीम को स्थिरता प्रदान की। हालांकि कुछ मैचों में उन्हें सीमित भूमिका मिली, लेकिन उनका अनुभव लगातार टीम के काम आता रहा।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच में जडेजा ने गेंद और बल्ले दोनों से संतुलित प्रदर्शन किया। उन्होंने मिडिल ओवर्स में रन रोकने के साथ एक विकेट हासिल किया और बाद में तेज रन बनाकर टीम की जीत में योगदान दिया। इसी तरह सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में उन्होंने कठिन परिस्थिति में बल्लेबाजी करते हुए टीम को बड़े संकट से बाहर निकालने की कोशिश की।
कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबले में भी उनका प्रदर्शन उपयोगी रहा, जहां उन्होंने गेंद से दबाव बनाने के साथ-साथ बल्ले से भी योगदान दिया, हालांकि टीम को करीबी हार का सामना करना पड़ा।
राजस्थान रॉयल्स के लिए रवींद्र जडेजा का सबसे बड़ा फायदा उनका तीनों विभागों में संतुलित योगदान माना जा रहा है। वे मध्यक्रम में तेजी से रन बनाने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर पारी को संभालने की क्षमता रखते हैं। उनकी स्पिन गेंदबाजी मिडिल ओवर्स में विपक्षी टीम पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभाती है।
इसके अलावा उनकी फील्डिंग भी टीम के लिए बड़ा प्लस पॉइंट है, जहां वे अतिरिक्त रन बचाने के साथ-साथ कई अहम मौके बनाते हैं। उनका अंतरराष्ट्रीय अनुभव टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए मार्गदर्शन का काम करता है, जिससे टीम का समग्र प्रदर्शन बेहतर होने की संभावना बढ़ जाती है।