सिविल अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. डीसी पांडेय के अनुसार, जब प्रतीक यादव को अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी धड़कन पूरी तरह बंद हो चुकी थी और पल्स भी डाउन थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेजा गया। प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम में शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि मौत के कारण स्पष्ट नहीं होने की वजह से डॉक्टरों ने बिसरा सुरक्षित रख लिया है, ताकि आगे की जांच की जा सके।
घटना के समय उनकी पत्नी और भाजपा नेता Aparna Yadav असम में थीं। वे मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गुवाहाटी गई थीं। पति के निधन की सूचना मिलते ही वे तुरंत लखनऊ पहुंचीं और सीधे घर रवाना हुईं।
इस दौरान Dimple Yadav, Shivpal Singh Yadav समेत कई बड़े नेता और परिवारजन प्रतीक यादव के आवास पहुंचे। Akhilesh Yadav भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे और परिवार के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह परिवार के लिए बेहद दुखद क्षण है और आगे जो भी निर्णय परिवार लेगा, वही मान्य होगा।
जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्हें 30 अप्रैल को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक वे पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे, जिसमें फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जम जाता है और ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है।
Prateek Yadav राजनीति से दूर रहते थे और रियल एस्टेट व फिटनेस बिजनेस से जुड़े थे। उन्होंने करीब 14 साल पहले Aparna Yadav से लव मैरिज की थी। दोनों की दो बेटियां हैं।
फिलहाल उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों का पहुंचना जारी है। प्रशासन और पुलिस भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।