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स्पेन ने 16 साल बाद रचा इतिहास, बेल्जियम को 2-1 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में एंट्री


नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बेल्जियम को 2-1 से हराकर 16 साल बाद विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले का फैसला अंतिम मिनटों में हुआ, जब सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मिकेल मेरिनो ने निर्णायक गोल कर स्पेन को ऐतिहासिक जीत दिलाई। अब सेमीफाइनल में स्पेन की भिड़ंत पिछले विश्व कप की फाइनलिस्ट फ्रांस से होगी।

लॉस एंजिल्स में खेले गए मुकाबले की शुरुआत से ही स्पेन ने आक्रामक रवैया अपनाया और बेल्जियम के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखा। गेंद पर बेहतर नियंत्रण और तेज पासिंग के दम पर स्पेन ने कई मौके बनाए। आखिरकार 30वें मिनट में उसकी मेहनत रंग लाई। लैमिन यामल के शानदार मूव के बाद पेड्रो पोरो ने बॉक्स में सटीक लो क्रॉस दिया। गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ ने डैनी ओल्मो का पहला प्रयास रोक लिया, लेकिन रिबाउंड पर फैबियन रुइज ने गेंद को गोल में पहुंचाकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी।

हालांकि बेल्जियम ने भी शानदार वापसी की। 41वें मिनट में टिमोथी कास्टेग्ने के बेहतरीन क्रॉस पर चार्ल्स डी केटेलेयर ने दमदार हेडर लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इस गोल के साथ स्पेन के गोलकीपर उनाई साइमन की लगातार छह क्लीन शीट का सिलसिला भी समाप्त हो गया। साथ ही विश्व कप में बिना गोल खाए उनके लगातार 650 मिनट खेलने का रिकॉर्ड भी टूट गया।

दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने कई हमले किए, लेकिन गोल नहीं हो सका। मैच के 71वें मिनट में बेल्जियम को बड़ा झटका तब लगा, जब अनुभवी गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ चोट के कारण मैदान छोड़ने को मजबूर हो गए। उनकी जगह युवा गोलकीपर सेने लैमेंस को उतारा गया। कोर्टुआ का यह विश्व कप में 21वां मुकाबला था और वह टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले गोलकीपरों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए।

जब मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था, तभी स्पेन के कोच ने 86वें मिनट में मिकेल मेरिनो को मैदान पर उतारा। महज दो मिनट बाद ही मेरिनो ने अपनी मौजूदगी का असर दिखा दिया। पाउ क्यूबार्सी के दूर से लगाए गए शॉट को बेल्जियम के नए गोलकीपर ठीक से नियंत्रित नहीं कर सके। गेंद उनके हाथों से छिटक गई और मेरिनो ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। यही गोल स्पेन की जीत का कारण बना।

यह लगातार दूसरा मुकाबला रहा, जिसमें मिकेल मेरिनो ने सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरकर स्पेन के लिए निर्णायक गोल किया। इससे पहले उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल के खिलाफ भी अंतिम समय में विजयी गोल दागकर टीम को जीत दिलाई थी।

इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है और अब उसकी नजर फ्रांस को हराकर फाइनल का टिकट हासिल करने पर होगी।

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