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इनकम टैक्स सिस्टम में सुधार: ‘फॉर्म 141’ से आसान होगी TDS प्रक्रिया


नई दिल्ली।आयकर विभाग ने टैक्स प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए ‘फॉर्म 141’ शुरू किया है। यह एक कंसोलिडेटेड चालान-कम-स्टेटमेंट है, जो अब तक इस्तेमाल हो रहे चार अलग-अलग TDS फॉर्म की जगह लेगा। इससे करदाताओं को अलग-अलग फॉर्म भरने की झंझट से राहत मिलेगी।

इन चार फॉर्म की जगह लेगा नया फॉर्म
फॉर्म 141 में निम्न चार TDS फॉर्म को एक साथ शामिल किया गया है:

फॉर्म 26QB – संपत्ति खरीद पर TDS

फॉर्म 26QC – किराए पर TDS

फॉर्म 26QD – कॉन्ट्रैक्ट/प्रोफेशनल भुगतान पर TDS

फॉर्म 26QE – वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) पर TDS

अब इन सभी के लिए अलग-अलग फाइलिंग की जरूरत नहीं होगी।

किन मामलों में होगा इस्तेमाल
नए नियमों के अनुसार फॉर्म 141 का उपयोग इन स्थितियों में किया जा सकेगा:

₹50,000 प्रति माह तक के किराए पर TDS

₹50 लाख या उससे अधिक की संपत्ति खरीद पर TDS

ऐसे व्यक्ति/HUF द्वारा ₹50 लाख से अधिक के प्रोफेशनल, कमीशन या कॉन्ट्रैक्ट भुगतान (जो टैक्स ऑडिट के अंतर्गत नहीं आते)

क्रिप्टोकरेंसी या NFT जैसे वर्चुअल डिजिटल एसेट्स पर भुगतान

फॉर्म भरने के लिए जरूरी जानकारी
फॉर्म 141 भरते समय करदाताओं को निम्न जानकारी देनी होगी:

कटौतीकर्ता (payer) और प्राप्तकर्ता (payee) का PAN

पता, मोबाइल नंबर और ईमेल

लेन-देन का प्रकार और भुगतान का तरीका

यह फॉर्म आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर ‘e-Pay Tax’ सेक्शन के जरिए भरा जा सकता है।

एक फॉर्म में कई विक्रेताओं की एंट्री
विशेषज्ञों के अनुसार इस नए सिस्टम में एक बड़ा बदलाव यह है कि अब फॉर्म की संख्या विक्रेताओं (sellers) के आधार पर नहीं बल्कि खरीदारों (buyers) के आधार पर तय होगी। यानी एक ही फॉर्म में कई विक्रेताओं की जानकारी दर्ज की जा सकती है, जिससे प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।

डिजिटल टैक्स सिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का यह कदम डिजिटल टैक्स फाइलिंग को और मजबूत करेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि त्रुटियों की संभावना भी कम होगी और अनुपालन (compliance) आसान बनेगा।

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