नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर तहसील में पूर्व विधायक Shishupal Yadav पर लगे जमीन कब्जे के आरोपों को प्रशासन ने पूरी तरह निराधार बताया है। यह विवाद 9 मई को हुए एक सीमांकन प्रकरण से जुड़ा है, जिसके बाद 10 मई को वायरल वीडियो सामने आने से मामला सुर्खियों में आ गया था।
तहसीलदार द्वारा मंगलवार को जारी स्पष्टीकरण में कहा गया कि सीमांकन की पूरी कार्रवाई तत्कालीन एसडीएम के आदेश पर और नियमानुसार की गई थी। यह प्रक्रिया प्रकरण क्रमांक 0025/अ-74/2025-26 के तहत की जा रही थी, जिसमें खसरा नंबर 612/4/1 की लगभग 245 आरे भूमि का सीमांकन शामिल था।
जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों के प्रतिनिधि मौके पर मौजूद थे, लेकिन पूर्व विधायक शिशुपाल यादव वहां उपस्थित नहीं थे। जैसे ही सीमा चिन्ह लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई, कुछ लोगों ने इसका विरोध किया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई थी।
किसानों की ओर से लगाए गए आरोपों में कहा गया था कि जमीन पर जबरन कब्जा कराया जा रहा है और हाईकोर्ट के स्टे का उल्लंघन किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की मौके पर कोई पुष्टि नहीं हुई और न ही किसी प्रकार का कब्जा या धमकी जैसी स्थिति पाई गई।
तहसीलदार ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित खसरा भूमि एकल स्वामित्व वाली है और इसका हाईकोर्ट में चल रहे अन्य मामलों से कोई संबंध नहीं है। पहले इस भूमि का स्वामित्व अलग व्यक्ति के पास था, बाद में नामांतरण के बाद पूर्व विधायक का नाम दर्ज हुआ।
प्रशासन के अनुसार सीमांकन के समय खेत में फसल कट चुकी थी और मौके पर किसी भी तरह की खेती या कब्जे की स्थिति नहीं पाई गई। केवल सीमा चिन्ह लगाने का विरोध किया गया था। अब प्रशासन की इस सफाई के बाद मामला शांत होने की बजाय राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं।