जानकारी के अनुसार आईसीयू में लगा एयर कंडीशनर पूरी तरह फेल हो गया है। ठंडी हवा देने की बजाय उससे लगातार पानी रिस रहा है। छत और पाइपलाइन से भी पानी टपकने के कारण वार्ड में जगह-जगह सीलन और जलभराव की स्थिति बन गई है। आईसीयू में वेंटिलेटर और अन्य लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर भर्ती मरीजों के लिए यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
मरीजों के परिजनों का आरोप है कि कई बार अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों को इस समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पानी लगातार बेड के आसपास टपकता रहा और मरीजों को असुविधा झेलनी पड़ी।
विशेषज्ञों के अनुसार आईसीयू जैसे वार्ड में नमी और पानी का रिसाव संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है। इसके अलावा वार्ड में लगी जीवन रक्षक मशीनें और अन्य चिकित्सा उपकरण बिजली से संचालित होते हैं। ऐसे में लगातार पानी टपकने से शॉर्ट सर्किट या किसी बड़े विद्युत हादसे की आशंका भी बनी हुई है।
करोड़ों रुपये के बजट और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों के बीच जिला अस्पताल की यह स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है। मरीजों और उनके परिजनों ने आईसीयू की तत्काल मरम्मत, एसी सिस्टम को दुरुस्त करने और सुरक्षित उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं मरीजों के परिजन उम्मीद जता रहे हैं कि आईसीयू जैसे अति संवेदनशील वार्ड की खामियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी मरीज की जान जोखिम में न पड़े।