कर्मचारी चयन मंडल के अनुसार यह भर्ती प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की गई। सबसे पहले लिखित परीक्षा आयोजित की गई जिसके परिणाम के आधार पर 5113 अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए पात्र घोषित किया गया। इसके बाद रिक्त पदों की संख्या के तीन गुना यानी 1692 उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा और साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। अंतिम मेरिट सूची लिखित परीक्षा शारीरिक दक्षता परीक्षण और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के संयुक्त आधार पर तैयार की गई।
इस भर्ती परीक्षा में ओबीसी वर्ग के संजय परमार ने 595.98 अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। टॉप 10 की सूची में ओबीसी वर्ग का दबदबा देखने को मिला जहां पांच उम्मीदवार इसी वर्ग से रहे। इसके अलावा तीन अभ्यर्थी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दो उम्मीदवार अनारक्षित वर्ग से शामिल हुए। यह परिणाम प्रतियोगी परीक्षाओं में कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन का उदाहरण माना जा रहा है।
कर्मचारी चयन मंडल ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान हाईकोर्ट के निर्देशों तथा आरक्षण संबंधी नियमों का पालन किया गया। इसी कारण सभी 500 पदों पर नियुक्ति संभव नहीं हो सकी। कुछ पदों का वर्गीकरण नियमानुसार बदला भी गया लेकिन इसके बावजूद रिक्तियां पूरी तरह नहीं भर पाईं। समान अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों की वरीयता आयु और आरक्षण नियमों के अनुसार तय की गई। पूर्व सैनिक अभ्यर्थियों को शासन के प्रावधानों के अनुसार मुख्य चरण की प्रारंभिक परीक्षा में पांच प्रतिशत अतिरिक्त अंक का लाभ भी दिया गया।
अब चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन मेडिकल परीक्षण और नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया पुलिस विभाग द्वारा पूरी कराई जाएगी। कर्मचारी चयन मंडल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि परिणाम में किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि सामने आती है तो आवश्यक संशोधन करने का अधिकार मंडल के पास सुरक्षित रहेगा।
इस परिणाम के साथ प्रदेश के हजारों युवाओं का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार समाप्त हो गया है। चयनित उम्मीदवार अब पुलिस सेवा में शामिल होकर प्रदेश की कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अपनी नई जिम्मेदारी निभाने की तैयारी करेंगे जबकि अन्य अभ्यर्थी आगामी भर्तियों के लिए नए उत्साह के साथ तैयारी में जुटेंगे।