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राज कपूर का दामाद बनते-बनते रह गया बॉलीवुड का यह 'लव स्टोरी' हीरो, पिता की दोस्ती के खातिर दत्त खानदान से जोड़ा अटूट रिश्ता


नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के इतिहास में अस्सी का दशक बदलाव की एक ऐसी लहर लेकर आया था जिसने रातों-रात एक नया सुपरस्टार पैदा कर दिया था। उस दौर में जहाँ एक्शन और एंग्री यंग मैन का जादू सिर चढ़कर बोल रहा था, वहीं एक दुबले-पतले और मासूम चेहरे वाले युवक ने ‘चॉकलेटी हीरो’ की परिभाषा को नए सिरे से परिभाषित किया। यह शख्स कोई और नहीं बल्कि बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता राजेंद्र कुमार के बेटे कुमार गौरव थे। कुमार गौरव ने जब साल 1981 में फिल्म ‘लव स्टोरी’ से अपना डेब्यू किया, तो उन्होंने सफलता के ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए कि बड़े-बड़े स्थापित अभिनेताओं के सिंहासन डोल गए थे। उनकी लोकप्रियता का आलम यह था कि उस दौर में उन्हें देखने के लिए सिनेमाघरों के बाहर मीलों लंबी कतारें लगती थीं और उनकी पर्सनैलिटी के आगे खुद संजय दत्त तक को कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा था।

कुमार गौरव का फिल्मी सफर जितना दिलचस्प रहा, उससे कहीं ज्यादा चर्चा में उनकी निजी जिंदगी और उनके पारिवारिक रिश्ते रहे। बहुत कम लोग जानते हैं कि कुमार गौरव और संजय दत्त का रिश्ता केवल दोस्ती तक सीमित नहीं था, बल्कि वे एक-दूसरे के बेहद करीबी रिश्तेदार भी हैं। इस रिश्ते की नींव दो पुराने दोस्तों ने मिलकर रखी थी। एक जमाने में संजय दत्त के पिता सुनील दत्त और कुमार गौरव के पिता राजेंद्र कुमार के बीच इतनी गहरी दोस्ती थी कि उन्होंने इस मित्रता को रिश्तेदारी में बदलने का साहसिक निर्णय लिया। इसी वादे और दोस्ती के सम्मान में कुमार गौरव ने साल 1984 में सुनील दत्त की बेटी और संजय दत्त की बहन नम्रता दत्त से विवाह किया। यह शादी बॉलीवुड की उन चुनिंदा शादियों में से एक रही जिसने दो महान फिल्मी घरानों को हमेशा के लिए एक सूत्र में पिरो दिया।

हालांकि, नम्रता दत्त के साथ सात फेरे लेने से पहले कुमार गौरव की निजी जिंदगी में कई बड़े उतार-चढ़ाव आए थे। उनके करियर की शुरुआत में ही उनका नाम उनकी पहली को-स्टार विजयता पंडित के साथ जोड़ा गया था और दोनों के अफेयर की खबरें अखबारों की सुर्खियां बनी हुई थीं। लेकिन अपने पिता के प्रति निष्ठा और पारिवारिक मूल्यों के चलते उन्होंने इस रिश्ते से दूरी बना ली। इतना ही नहीं, एक वक्त ऐसा भी था जब कुमार गौरव बॉलीवुड के शो-मैन राज कपूर के दामाद बनने वाले थे। खबरों की मानें तो राज कपूर की बेटी के साथ उनकी सगाई तक हो चुकी थी, लेकिन वक्त और नियति को कुछ और ही मंजूर था। वह सगाई टूट गई और अंततः पिता राजेंद्र कुमार की इच्छा का सम्मान करते हुए उन्होंने दत्त खानदान की बेटी का हाथ थामा और आज वे अपनी शादीशुदा जिंदगी में बेहद खुश और संतुष्ट हैं।

आज भले ही कुमार गौरव बड़े पर्दे की चमक-धमक से दूर हो गए हों, लेकिन 80 के दशक की उन यादों में वे आज भी एक अमर सितारे की तरह चमकते हैं। उनकी पहली फिल्म के गानों की धुन आज भी युवाओं के बीच उतनी ही लोकप्रिय है। संजय दत्त और उनका रिश्ता आज भी उतना ही मजबूत है, जितना दशकों पहले हुआ करता था। संजू बाबा के हर मुश्किल दौर में कुमार गौरव और नम्रता चट्टान की तरह उनके साथ खड़े रहे। कुमार गौरव की कहानी हमें यह सिखाती है कि ग्लैमर की दुनिया में सफलता और असफलता तो आती-जाती रहती है, लेकिन जो रिश्ते सच्चे दिल और ईमानदारी से बनाए जाते हैं, वही जीवन की असली विरासत होते हैं। फिल्म जगत में उन्हें एक ऐसे नायक के रूप में याद किया जाएगा जिसने अपनी सादगी और शालीनता से करोड़ों दिलों पर राज किया।

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