दरअसल, ट्रंप ने शनिवार को एक्सिओस (Axios) के साथ एक संक्षिप्त फोन इंटरव्यू में यह बयान दिया. इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा, ‘एक ही वार में हम सबको खत्म कर सकते थे, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि फिर हमारे पास बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा’. उन्होंने आगे दावा किया कि ईरान इस समय समझौता करने के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी भी तरह बातचीत शुरू करना चाहता है. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका की प्राथमिकता सिर्फ सैन्य कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ईरान के साथ परमाणु मुद्दे पर बातचीत की संभावना को भी बनाए रखना है.
फिलहाल दोनों पक्षों ने कुछ दिनों के लिए बातचीत को रोकने पर सहमति जताई है. इसकी वजह यह है कि पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के जनाजे की रस्में अभी पूरी होनी बाकी हैं. इसी बातचीत में उन्होंने अपने उस पुराने दावे को फिर से दोहराया कि खामेनेई तो युद्ध के पहले ही दिन अमेरिका और इजरायल के एक साझा मिलिट्री ऑपरेशन में मारे गए थे.
भीड़ देखकर हैरान हुए ट्रंप
ईरान के इस पूरे घटनाक्रम पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह अली खामेनेई के जनाजे में जुटी भीड़ को देखकर हैरान रह गए. उनके मुताबिक उन्हें लगता था कि वहां के लोग खामेनेई से नफरत करते हैं, इसलिए इतनी बड़ी भीड़ देखकर उन्हें आश्चर्य हुआ. ट्रंप ने यह भी कहा कि हो सकता है कि वहां मौजूद लोगों के आंसू सच्चे न हों.