नई दिल्ली । डिंडौरी जिले में रविवार को नर्मदा डैम घाट पर एक प्रेरणादायक और जनजागरूकता से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘मैया अभियान’ के तहत हुए इस आयोजन में बच्चों, अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने मिलकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और उन्हें नर्मदा घाट की साफ-सफाई से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में एरोबिक जुम्बा और योग सत्र से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों ने भाग लिया। योग और व्यायाम के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया गया। इसके बाद सभी प्रतिभागियों ने मिलकर घाट की सफाई में श्रमदान किया और आसपास फैले कचरे को हटाकर क्षेत्र को स्वच्छ बनाने में योगदान दिया।
घाट के कुछ हिस्सों में अतिक्रमण की स्थिति भी देखने को मिली, जिसे जेसीबी मशीन की मदद से हटाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि साफ-सफाई के साथ-साथ घाट को व्यवस्थित और सुंदर बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
जिला खेल अधिकारी मोहम्मद अहमद खान ने बताया कि 5 मई से 5 जून तक ग्रीष्मकालीन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में बच्चों के साथ उनके अभिभावकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि परिवार स्तर पर भी जागरूकता बढ़े।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि ‘मैया अभियान’ का उद्देश्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक जनआंदोलन के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को नर्मदा मैया की स्वच्छता से जोड़ना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही आने वाले समय में जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।
उन्होंने आगे बताया कि अतिक्रमण हटाने के बाद घाट पर वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र और अधिक आकर्षक और पर्यावरण के अनुकूल बन सके। प्रशासन का लक्ष्य है कि नर्मदा घाट को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।
इस पूरे अभियान में अधिकारियों, कर्मचारियों, बच्चों और स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। सभी ने मिलकर श्रमदान किया और स्वच्छता का सामूहिक संदेश दिया।