जानकारी के अनुसार, गुरुवार-शुक्रवार की रात आए तेज अंधड़ के कारण चित्रकूट क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई थी। घंटों की मरम्मत के बाद शुक्रवार शाम करीब 5:45 बजे बिजली बहाल की गई, लेकिन यह राहत अधिक देर तक नहीं टिक सकी।
आरोप है कि कुछ लोग अपने घर की बिजली ठीक कराने की मांग को लेकर रजौला स्थित 33/11 केवी सबस्टेशन पहुंचे और पूरे शहर की बिजली आपूर्ति बंद करा दी। इससे गर्मी और उमस के बीच लोग पानी की समस्या से भी जूझने लगे।
सबस्टेशन ऑपरेटर पंकज सेन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तीन लोग जबरन सबस्टेशन पहुंचे और धमकी देकर पूरे क्षेत्र की बिजली बंद कराई। आरोप है कि इस दौरान उनका मोबाइल भी छीन लिया गया और उन्हें दबाव में लेकर बिजली सप्लाई बंद कराई गई।
ऑपरेटर का दावा है कि इन लोगों में एक मजिस्ट्रेट भी शामिल थे, जो पुलिसकर्मियों के साथ सबस्टेशन पहुंचे थे। पंकज सेन के अनुसार, मजिस्ट्रेट ने यह कहते हुए दबाव बनाया कि जब तक उनके घर की बिजली ठीक नहीं होती, तब तक पूरे क्षेत्र की सप्लाई चालू नहीं होने दी जाएगी।
स्थिति बिगड़ने पर स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग पावर हाउस पहुंच गए। घंटों बिजली न मिलने और बार-बार कटौती से परेशान लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इधर, बिजली बहाल होने के कुछ समय बाद ही फिर से सप्लाई बाधित हो गई, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। इन्वर्टर तक डिस्चार्ज हो जाने और पानी की समस्या खड़ी होने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए।
भीड़ बढ़ने पर कथित तौर पर संबंधित लोग मौके से चले गए, लेकिन लोगों ने पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराने की मांग जारी रखी। बाद में विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। ऑपरेटर द्वारा दिए गए लिखित शिकायत पत्र में मारपीट, धमकी और जबरन बिजली बंद कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
फिलहाल प्रशासन और पुलिस दोनों ही स्तर पर मामले की जांच की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।