भारतीय दूतावास के अनुसार, स्थानीय अधिकारियों ने पार्थिव शरीरों को शीघ्र भारत भेजने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है। दूतावास और भारतीय वाणिज्य दूतावास की टीमें संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक देरी न हो और मृतकों के परिजनों तक उनके प्रियजनों के पार्थिव शरीर जल्द पहुंचाए जा सकें।
शवों की स्वदेश वापसी की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए एक अधिकृत एजेंसी को नियुक्त किया गया है। यह एजेंसी मृतकों के परिजनों से संपर्क कर आवश्यक अनुमति, दस्तावेज और अन्य औपचारिकताओं को पूरा कराएगी। अधिकारियों का कहना है कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होते ही पार्थिव शरीर विशेष व्यवस्था के तहत भारत भेज दिए जाएंगे।
हादसे में घायल हुए एक भारतीय नागरिक की हालत में लगातार सुधार बताया गया है। उनका इलाज वियतनाम के एक सरकारी अस्पताल में चल रहा है और चिकित्सकों की निगरानी में स्वास्थ्य पहले से बेहतर हो रहा है। वहीं, दुर्घटना में सुरक्षित बचाए गए अन्य भारतीय पर्यटकों की स्वदेश वापसी की भी व्यवस्था की गई है। सभी यात्रियों को रविवार को उनके-अपने गृह राज्यों के लिए रवाना किए जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित पर्यटकों की यात्रा संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं ताकि वे सुरक्षित अपने घर पहुंच सकें। भारतीय दूतावास लगातार सभी यात्रियों और उनके परिवारों के संपर्क में है तथा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और राहत एवं सहायता कार्य पूरी तरह सक्रिय हैं।
यह हादसा शनिवार को उस समय हुआ था जब भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक पर्यटन नौका फु क्वोक द्वीप के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र में भ्रमण के दौरान पलट गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नौका में लगभग 32 भारतीय सवार थे। इनमें तमिलनाडु के पर्यटकों की संख्या सबसे अधिक थी, जबकि अन्य यात्री आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल से थे।
स्थानीय प्रशासन ने पुष्टि की है कि इस दुर्घटना में 15 भारतीयों की मृत्यु हुई, जबकि अन्य यात्रियों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया। बचाए गए लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई और आवश्यक देखभाल की गई। हादसे के बाद भारतीय दूतावास ने राहत एवं समन्वय कार्यों को प्राथमिकता देते हुए स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लगातार कार्रवाई जारी रखी है।
इस घटना ने विदेश यात्रा पर गए भारतीय पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी कई महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े किए हैं। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मृतकों के पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक भारत पहुंचाने, घायलों के उपचार और सभी प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।