बुधवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ हरे या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर की साफ सफाई कर भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं। इसके बाद शुद्ध जल से आचमन करें और भगवान का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें।
भगवान गणेश को दूर्वा घास अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ लाल या पीले फूल चढ़ाएं। मोदक लड्डू गुड़ चना या मौसमी फल का भोग लगाएं। धूप दीप और नैवेद्य अर्पित करने के बाद गणेश जी की आरती करें। पूजा के दौरान गणेश अथर्वशीर्ष या गणेश चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।
बुधवार के दिन इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना लाभकारी माना जाता है।
ॐ गं गणपतये नमः
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंत्र का श्रद्धा से जाप करने से बुद्धि का विकास होता है और जीवन की बाधाएं दूर होने लगती हैं। इसके साथ ही बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए हरे मूंग का दान करना गाय को हरा चारा खिलाना और जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भी शुभ माना जाता है।
यदि संभव हो तो बुधवार के दिन क्रोध झूठ और कटु वचन से बचें। किसी का अपमान न करें और परिवार के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करें। विद्यार्थियों के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है। वे भगवान गणेश की पूजा कर अपनी पढ़ाई में सफलता की प्रार्थना कर सकते हैं। व्यापारी भी नए कार्य की शुरुआत या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले गणेश जी का स्मरण करते हैं।
मान्यता है कि सच्चे मन से की गई बुधवार की पूजा से भगवान गणेश भक्तों की मनोकामनाएं सुनते हैं और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर कर सुख समृद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। नियमित रूप से गणेश आराधना करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है।