इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 150 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 17.1 ओवर में लक्ष्य हासिल कर छह विकेट से मुकाबला जीत लिया। ऑस्ट्रेलिया की जीत की नींव बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड की शानदार साझेदारी ने रखी। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 67 गेंदों में 100 रन जोड़कर मैच पूरी तरह ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में कर दिया।
बेथ मूनी ने 49 गेंदों पर 64 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 10 चौके शामिल रहे। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने सात मैचों में 238 रन बनाए और 47.60 की औसत से बल्लेबाजी की। बल्लेबाजी के अलावा उन्होंने फील्डिंग में भी पांच कैच लेकर अहम योगदान दिया। वह टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं।
खिताबी जीत के बाद मूनी ने कहा कि यह टूर्नामेंट टीम के लिए लंबे समय से सबसे बड़ा लक्ष्य था और इस सफर का अंत विश्व कप जीत के साथ होना बेहद संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में टीम में कई बदलाव हुए, लेकिन खिलाड़ियों ने एक-दूसरे का पूरा साथ दिया और आत्मविश्वास के साथ क्रिकेट खेला। उनके मुताबिक टीम ने पूरे अभियान में निडर और सकारात्मक सोच के साथ प्रदर्शन किया।
मूनी ने टीम के सपोर्ट स्टाफ और कोचिंग ग्रुप की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि लंबे दौरे और खिलाड़ियों की छोटी-मोटी चोटों के बावजूद पूरे स्टाफ ने बेहतरीन काम किया, जिसकी बदौलत फाइनल में ऑस्ट्रेलिया अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम के साथ उतर सका।
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सोफी मोलिनक्स की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए मूनी ने कहा कि वह बेहद शांत स्वभाव की कप्तान हैं और दबाव की परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखती हैं। उनके नेतृत्व में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और विश्व कप जीतकर उनके नेतृत्व को यादगार सम्मान दिया।
इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर महिला टी20 क्रिकेट में अपना दबदबा कायम रखा, जबकि बेथ मूनी ने अपने दमदार प्रदर्शन से साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में वह टीम की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक हैं।