कार्यक्रम में करीब 800 प्रतिभागियों ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान के जरिए शारीरिक और मानसिक संतुलन का अभ्यास किया था। आयोजन का उद्देश्य लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जो दृश्य सामने आए, वह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए।
जैसे ही भोजन वितरण शुरू हुआ, वहां मौजूद लोग एक साथ खाने के पैकेट लेने के लिए टूट पड़े। स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि कई जगह धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। जिनके हाथ में जितने पैकेट आए, वे उन्हें लेकर तुरंत बाहर निकलते दिखाई दिए। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भोजन वितरण की व्यवस्था अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही, जिसके चलते भीड़ नियंत्रित नहीं हो सकी। आयोजकों द्वारा भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन वितरण प्रणाली में कमी के कारण भीड़ बेकाबू हो गई।
इस घटना पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग इसे व्यंग्य के रूप में देख रहे हैं कि योग जहां संयम, धैर्य और संतुलन का संदेश देता है, वहीं भोजन के सामने वही संयम कुछ ही पलों में टूट गया। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव भी मौजूद थे, जिन्होंने ऐतिहासिक मंदिर परिसर में योगासन कर फोटोशूट कराया। हालांकि योगासन के दौरान उन्हें संतुलन बनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ मौकों पर सहयोगियों की मदद भी लेनी पड़ी, जिसका वीडियो भी सामने आया और वह भी चर्चा का विषय बन गया।
इस पूरे आयोजन के अलग-अलग हिस्सों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिससे कार्यक्रम की चर्चा केवल योग तक सीमित न रहकर उसके आयोजन प्रबंधन और व्यवस्था पर भी पहुंच गई है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।