विवाद उस समय सामने आया जब स्कूल के कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया गया। कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें नौकरी बनाए रखने के लिए धर्म बदलने के लिए कहा गया और ऐसा नहीं करने पर सेवा समाप्त करने की चेतावनी दी गई। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि उन्हें विभिन्न प्रकार के प्रलोभन दिए गए, लेकिन धर्म परिवर्तन से इनकार करने के बाद उन्हें नौकरी से हटा दिया गया।
इन आरोपों की जानकारी सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए और आरोप लगाया कि कर्मचारियों पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान परिसर में लगे कुछ बैनर और पोस्टर भी क्षतिग्रस्त किए गए तथा बैरिकेडिंग को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।
प्रदर्शन में शामिल संगठनों के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को डर और लालच के माध्यम से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।
दूसरी ओर, शिकायत करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने धर्म परिवर्तन करने से इनकार किया, जिसके बाद उनकी नौकरी समाप्त कर दी गई। उनका दावा है कि इस कार्रवाई से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी पक्षों से प्राप्त शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।