मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी औद्योगिक और तकनीकी नीतियों पर कार्य कर रही है, जिनसे मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे उच्च-विकास वाले क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान मिल सके। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण, आवश्यक आधारभूत सुविधाएं और तेज प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कॉन्क्लेव के दौरान विभिन्न कंपनियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और अनुसंधान एवं विकास से जुड़ी अपनी प्रस्तावित परियोजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। निवेशकों ने प्रदेश में तकनीकी अवसंरचना के विस्तार, आधुनिक उद्योगों की स्थापना और नवाचार आधारित परियोजनाओं में संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़ी कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के साथ निवेश योजनाओं पर चर्चा की। इस दौरान उन्नत विनिर्माण, तकनीकी समाधान, डिजिटल सेवाओं और ऊर्जा आधारित औद्योगिक परियोजनाओं को लेकर संभावित सहयोग पर विचार-विमर्श हुआ। राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक नीतिगत सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल नवाचार को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। आधुनिक कंप्यूटिंग, उन्नत तकनीकी समाधान और भविष्य की डिजिटल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में नई तकनीकों के विकास और उनके औद्योगिक उपयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश के साथ दीर्घकालिक सहयोग और निवेश की संभावनाओं को सकारात्मक बताया।
सेमीकंडक्टर निर्माण और अनुसंधान के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आए। संबंधित कंपनियों ने उत्पादन इकाइयों की स्थापना, अनुसंधान सुविधाओं के विकास और उच्च तकनीकी विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजनाओं पर मुख्यमंत्री के साथ विस्तार से चर्चा की। इन प्रस्तावों से प्रदेश में अत्याधुनिक औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होने और तकनीकी उत्पादन क्षमता बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना ही नहीं, बल्कि प्रदेश में तकनीकी कौशल, नवाचार और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी है। सरकार का मानना है कि ऐसे प्रयासों से स्थानीय युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में विशेषज्ञ मानव संसाधन तैयार होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार की उद्योग समर्थक नीतियां, तेज निर्णय प्रक्रिया और निवेशकों के साथ निरंतर संवाद मध्यप्रदेश को तकनीकी विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में बढ़ते निवेश से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लक्ष्य को मजबूत आधार प्राप्त होगा। इससे राज्य देश के उभरते प्रौद्योगिकी मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण और भरोसेमंद निवेश गंतव्य के रूप में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकेगा।