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सोनम रघुवंशी की जमानत पर बढ़ा इंतजार, मेघालय सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 21 जुलाई को

इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बार फिर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने से पहले इंतजार बढ़ गया है। सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई फिलहाल टल गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी। इस कारण मामले से जुड़े सभी पक्षों की निगाहें अब अगली निर्धारित तारीख पर टिक गई हैं।

मेघालय सरकार ने अपनी याचिका में मेघालय हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत सोनम रघुवंशी को जमानत प्रदान की गई थी। सरकार का पक्ष है कि मामले की गंभीरता और जांच से जुड़े तथ्यों को देखते हुए जमानत आदेश पर पुनर्विचार किया जाना आवश्यक है। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द करने की मांग की गई है।

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई पहले भी कई बार सूचीबद्ध हो चुकी है, लेकिन विभिन्न कारणों से अंतिम निर्णय नहीं हो सका। अब सुनवाई आगे बढ़ने के बाद 21 जुलाई की तारीख तय की गई है। इस बीच, हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत से संबंधित कानूनी स्थिति यथावत बनी हुई है। अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।

राजा रघुवंशी हत्याकांड देशभर में उस समय चर्चा का विषय बना था, जब इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की शादी के कुछ समय बाद मेघालय यात्रा के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बाद में उनका शव बरामद हुआ और जांच एजेंसियों ने इसे सुनियोजित हत्या का मामला बताया। जांच के दौरान पुलिस ने उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी सहित कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया और विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले में हत्या और आपराधिक साजिश सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र भी प्रस्तुत किया गया। इसी दौरान सोनम रघुवंशी ने जमानत के लिए आवेदन किया था, जिसे मेघालय हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद राज्य सरकार ने इस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी।

मामले में लगातार हो रही न्यायिक कार्यवाही पर पीड़ित परिवार की भी नजर बनी हुई है। परिवार का कहना है कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है और वे चाहते हैं कि सभी तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाए। दूसरी ओर, कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई इस मामले की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

फिलहाल इस चर्चित मामले में अंतिम निर्णय आना बाकी है। 21 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट मेघालय सरकार की याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुन सकता है। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत बरकरार रहेगी या उस पर कोई नया आदेश जारी किया जाएगा। तब तक मामले की न्यायिक प्रक्रिया पूर्व निर्धारित कानूनी व्यवस्था के अनुसार जारी रहेगी।

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