रिपोर्ट्स के अनुसार, वीडियो में 2020 के गलवान संघर्ष में मारे गए सैनिकों के परिजनों को ‘चीनी जन क्रांति सैन्य संग्रहालय’ का दौरा करते दिखाया गया, जहां वे अपने बेटों की प्रतिमाएं देखकर भावुक हो उठीं। इस कंटेंट को चीनी मीडिया ने देशभक्ति और बलिदान की भावना से जोड़कर पेश किया।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब पीएलए (People’s Liberation Army) में भ्रष्टाचार और उच्च अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में पूर्व रक्षा मंत्रियों वेई फेंगहे और ली शांगफू को लेकर सामने आए कथित भ्रष्टाचार मामलों ने चीन की सैन्य व्यवस्था पर बहस तेज कर दी है।
— IndianArmy Observer (@PorkJihadist) May 11, 2026
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि चीन किस तरह संवेदनशील राष्ट्रीय घटनाओं का इस्तेमाल आंतरिक राजनीतिक दबाव और भ्रष्टाचार विवादों से ध्यान हटाने के लिए करता है।