कलीम का आरोप है कि उसे व्यक्तिगत रंजिश और पुलिस की कथित मिलीभगत के चलते झूठे मामले में फंसाया गया है। उसने दावा किया कि 16 मई की रात जब घटना हुई, उस समय वह मौके पर मौजूद नहीं था, बल्कि खिराला से करीब 5 किलोमीटर दूर एक होटल में था। कलीम ने कहा कि उसके पास होटल के CCTV फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) मौजूद हैं, जो उसकी बेगुनाही साबित कर सकते हैं।
शिकायत में तत्कालीन बोरगांव चौकी प्रभारी और वर्तमान देशगांव चौकी प्रभारी रामप्रकाश यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कलीम ने आरोप लगाया कि घटना के बाद रामप्रकाश यादव आरोपी पक्ष के व्यक्ति रईस से अस्पताल में मिलने पहुंचे थे, जिससे मामले की निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े होते हैं।
वहीं इस पूरे मामले पर पूर्व चौकी प्रभारी रामप्रकाश यादव ने सफाई देते हुए कहा कि रईस उनका परिचित है, इसलिए वह सिर्फ मिलने के लिए अस्पताल गए थे। दूसरी ओर बोरगांव चौकी प्रभारी अविनाश भोपले ने बताया कि एफआईआर फरियादी के बयान के आधार पर दर्ज की गई है और मामले की जांच प्रक्रिया जारी है। अब पूरा मामला जांच के दायरे में है और दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।