International Energy Conference 2026 : मप्र तेजी से बन रहा देश का ग्रीन एनर्जी हब- सीएम मोहन यादव
International Energy Conference 2026 :
International Energy Conference 2026 : मध्य प्रदेश। नई दिल्ली में आयोजित 7वें इंटरनेशनल ऊर्जा सम्मेलन 2026 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने कहा कि निवेश-अनुकूल नीतियों, मजबूत बुनियादी ढांचे और प्राकृतिक संसाधनों के दम पर मध्य प्रदेश तेजी से देश का ग्रीन एनर्जी हब बन रहा है। सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, हरित तकनीक और निवेश बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई।
दिल्ली मेट्रो से पहुंचे, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से पहुंचे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दिल्ली मेट्रो अपने संचालन में बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा का उपयोग करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
12 साल में 25 गुना बढ़ी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में मध्य प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 438 मेगावाट से बढ़कर 11,000 मेगावाट हो गई है, जो लगभग 25 गुना वृद्धि है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो ऊर्जा भंडारण और बायोमास से जुड़ी नई नीतियां लागू की हैं। इससे निवेश, तकनीकी नवाचार और ऊर्जा क्षेत्र के विकास को नई गति मिली है।
सौर ऊर्जा परियोजनाओं से मिल रही नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि 750 मेगावाट की रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना ने देश में पहली बार सौर ऊर्जा का टैरिफ कोयला आधारित बिजली से कम साबित किया। वहीं, 1,500 मेगावाट की आगर-शाजापुर-नीमच सौर परियोजना में 2.14 रुपये प्रति यूनिट का रिकॉर्ड न्यूनतम टैरिफ हासिल हुआ है।
इसके अलावा 278 मेगावाट क्षमता वाली देश की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजना का लोकार्पण हो चुका है। उन्होंने बताया कि मुरैना में 440 मेगावाट सौर ऊर्जा और 880 मेगावाट-घंटा बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।
साथ ही सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के तहत लगभग 14,900 मेगावाट क्षमता के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें किसानों और एमएसएमई क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली है।
