एमपी कॉलेज एडमिशन 2026: क्या आपका एडमिशन अब तक नहीं हुआ? जानिए एक्स्ट्रा सीएलसी राउंड में आवेदन का तरीका
मध्य प्रदेश के सरकारी व निजी कॉलेजों में दाखिले से वंचित रह गए छात्रों के लिए राहत की खबर है। खाली सीटों को भरने के लिए अतिरिक्त कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) राउंड शुरू हो गया है। छात्र 10 से 14 अगस्त तक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकते हैं।
अगर आपने मध्य प्रदेश के किसी सरकारी या निजी महाविद्यालय में दाखिला लेने का मौका miss कर दिया है, तो भी घबराने की बात नहीं है , क्योंकि आपके पास उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए एक और आख़िरी अवसर है । अब राज्य के कॉलेजों में बचे हुए खाली पद यानी सीटों को भरने के लिए अतिरिक्त कॉलेज लेवल काउंसलिंग (CLC) के एक और राउंड की शुरुआत हो चुकी है । विद्यार्थी 10 अगस्त से लेकर 14 अगस्त तक ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल के जरिए अपना आवेदन-पत्र पूरा कर सकते हैं ।
आवेदन से लेकर सीट आवंटन तक वाली प्रक्रिया
इस अतिरिक्त सीएलसी राउंड में छात्र अपने मनपसंद पाठ्यक्रम और कॉलेज में मौजूद खाली सीटों की स्थिति देख कर, ऑनलाइन आवेदन जमा करेंगे । पूरी प्रक्रिया, ध्यान रहे सिर्फ डिजिटल प्रवेश पोर्टल के माध्यम से ही चल रही है । विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे फॉर्म भरते वक्त अपने शैक्षणिक रिकॉर्ड और विकल्पों की जानकारी ठीक ठीक भरें , ताकि बाद में कोई उलझन न हो । 14 अगस्त के बाद किसी भी आवेदन फॉर्म को स्वीकार नहीं किया जाएगा ।
दस्तावेज़ सत्यापन पर मदद करेगी हेल्प डेस्क
कहीं तकनीकी दिक्कत हो जाए, या मार्गदर्शन की कमी की वजह से प्रवेश रुक न जाए, इसके लिए राज्य के सभी शासकीय और अशासकीय कॉलेजों में खास हेल्प डेस्क तैयार की गई है । अगर ऑनलाइन पोर्टल पर सीट देखने, फ़ॉर्म भरने या डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन को लेकर कोई परेशानी होती है, तो छात्र सीधे अपने नजदीकी कॉलेज की हेल्प डेस्क पर जाकर संपर्क कर सकते हैं ।
सीट अलॉट होते ही फीस देनी होगी
काउंसलिंग के दौरान जैसे ही छात्र को सफलता पूर्वक सीट आवंटित हो जाती है, वैसे ही उसे निर्धारित प्रवेश शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा । अगर अभ्यर्थी समय रहते फीस का भुगतान नहीं करता है, तो उसका आवंटन रद्द माना जाएगा और सीट फिर किसी दूसरे उम्मीदवार को दी जा सकती है । इसलिए आवेदकों से कहा गया है कि वे अपने जरूरी प्रमाणपत्र और अपेक्षित फीस की व्यवस्था पहले से ही तैयार रखें , ताकि समय निकलने पर दिक्कत न बने ।
