सोसायटी में रहने वाले कई लोगों ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि बिना किसी सामूहिक बैठक और अनुमति के परिसर में टीन शेड बनाकर बकरों को रखना नियमों के खिलाफ है। निवासियों ने यह भी दावा किया कि रहवासी इलाके में इस तरह की गतिविधियों से असुविधा और माहौल खराब हो रहा है। इसके बाद मामला धीरे धीरे गरमाने लगा।
स्थानीय विरोध के बाद भाजपा से जुड़े नेताओं और हिंदू संगठनों के साथ कुछ निवासियों ने प्रशासन से शिकायत की। शिकायत मिलने पर नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अस्थायी टीन शेड को हटा दिया। हालांकि इसके बाद भी बकरों की मौजूदगी को लेकर विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब सोमवार रात फिर से तनाव बढ़ गया। बताया जाता है कि टीन शेड हटाने के बाद भी बकरे सोसायटी परिसर में ही मौजूद थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। झगड़े के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने ब्लेड से एक युवक पर हमला कर दिया जिसमें वह घायल हो गया।
घटना के बाद पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही सोसायटी के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे और किसी तरह की और हिंसा न हो।सोसायटी के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिसर के अंदर कुर्बानी की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। उनका कहना है कि टीन शेड केवल अस्थायी रूप से बकरों को रखने के लिए बनाया गया था लेकिन इस पर आपत्ति के बाद उसे हटा दिया गया।
वहीं मंगलवार को स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। उनका कहना था कि हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किसी भी रहवासी इलाके में बिना अनुमति कुर्बानी जैसी गतिविधियां नहीं की जा सकतीं। इसी आधार पर उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।