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सहारनपुर में दिन में छाया अंधेरा, तेज आंधी-तूफान से यूपी में तबाही-कई जिलों में अलर्ट


उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश में नौतपा के दौरान मौसम ने अचानक करवट ले ली है और पिछले दो दिनों से आंधी-तूफान, बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में आसमान में घने बादल छाए रहे और कई स्थानों पर रुक-रुककर बारिश दर्ज की गई। ठंडी हवाओं के कारण गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन मौसम का यह बदलाव कई जिलों में भारी तबाही का कारण बन गया है।

सहारनपुर में शनिवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक मौसम पूरी तरह बदल गया। तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई और कुछ ही समय में आसमान में काले बादल छा गए, जिससे दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, दृश्यता काफी कम हो गई और सड़कें भीग गईं। यह बदलाव अचानक होने के कारण लोग असहज और सतर्क नजर आए।

मौसम विभाग ने पूरे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिनमें से लगभग 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग के अनुसार यह मौसम प्रणाली अगले तीन दिनों यानी 2 जून तक सक्रिय रह सकती है, जिससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहेगा।

इस मौसम परिवर्तन का सबसे बड़ा असर तापमान पर पड़ा है। प्रदेश में कई जगहों पर अधिकतम तापमान में लगभग 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। जहां कुछ दिन पहले बांदा में तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं अब यह घटकर लगभग 37 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह गिरावट अस्थायी राहत तो है, लेकिन आंधी-तूफान के कारण खतरा बढ़ गया है।

बीते गुरुवार रात और शुक्रवार को भी पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई जिलों में तेज बारिश और आंधी देखने को मिली थी। कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई, जिससे कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा और टिनशेड उड़ गए। पेड़ गिरने की घटनाएं भी बड़े पैमाने पर सामने आईं। चित्रकूट में तेज आंधी के कारण लगभग 500 तोतों की मौत की भी सूचना है, जिसने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया।

प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से अब तक कुल 31 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सबसे ज्यादा नुकसान बुंदेलखंड क्षेत्र में हुआ है, जहां हमीरपुर, बांदा, महोबा, उरई और जालौन जैसे जिलों में कई लोगों की जान गई। इसके अलावा कौशांबी, सहारनपुर, देवरिया, प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, बलिया, महाराजगंज, मथुरा, उन्नाव, फतेहपुर और रामपुर जैसे जिलों में भी जानमाल का नुकसान हुआ है।

मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी भरी हवाओं के कारण यह स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी इस मौसम परिवर्तन का कारण है। विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी यूपी और तराई क्षेत्रों में तूफान का खतरा सबसे अधिक है, जहां हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

राज्य सरकार ने हालात पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों तथा सावधानी बरतें।

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