सिर के बल जमीन पर गिरने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक हो गई थी, जिसे देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत महसूस हुई। इस नाजुक समय में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पेशेवर मुस्तैदी का एक नया उदाहरण पेश किया। भारी ट्रैफिक और पीक ऑवर्स के बावजूद, पुलिस ने महज 11 मिनट के भीतर एक सुरक्षित ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाकर एम्बुलेंस को अस्पताल पहुँचाया, जिससे खिलाड़ी को समय पर आवश्यक चिकित्सा मिल सकी।
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना मैच की दूसरी पारी के तीसरे ओवर के दौरान घटी। विपक्षी टीम के बल्लेबाज ने एक ऊँचा शॉट खेला, जिसे पकड़ने के लिए एनगिडी पीछे की ओर दौड़े, लेकिन संतुलन बिगड़ने की वजह से वह सिर के बल जमीन पर गिर पड़े। गिरने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनके सिर का पिछला हिस्सा सीधे जमीन से टकराया और वे दर्द से कराहने लगे।
मैदान पर मौजूद मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत उन्हें विशेष अस्पताल भेजने का निर्णय लिया। स्टेडियम से अस्पताल की दूरी और दिल्ली की सड़कों के दबाव को देखते हुए यह एक कठिन कार्य था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने इसे मिशन मोड में पूरा किया।
ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में टीम ने पुलिस कंट्रोल रूम के साथ बेहतरीन समन्वय स्थापित किया। जैसे ही मेडिकल इमरजेंसी की पुष्टि हुई, स्टेडियम से लेकर राजेंद्र नगर स्थित स्पेशलिटी अस्पताल तक के पूरे मार्ग को एम्बुलेंस के लिए खाली करा दिया गया।
ट्रैफिक सिग्नल को मैन्युअल रूप से नियंत्रित कर यह सुनिश्चित किया गया कि एम्बुलेंस को कहीं भी रुकना न पड़े। पुलिसकर्मियों की इस तत्परता का ही परिणाम था कि यह सफर रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर की चोट के मामलों में समय की बहुत अहमियत होती है और पुलिस की इस फुर्ती ने एनगिडी के खतरे को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई।
राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि अस्पताल में गहन परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने लुंगी एनगिडी को खतरे से बाहर बताया। उन्हें किसी भी प्रकार की कोई गहरी आंतरिक चोट नहीं आई है और शनिवार देर रात ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
खेल के लिहाज से भले ही दिल्ली को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा हो और पंजाब ने टी20 इतिहास का सबसे बड़ा लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया हो, लेकिन सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस की इस मानवीय पहल की जमकर सराहना हो रही है।